बलरामपुर। सावन माह के चौथे व अंतिम सोमवार पर जिले के प्रमुख शिवमंदिरों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। भगवान भोलनाथ का श्रद्धालुओं ने रुद्राभिषेक व जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा अर्चना की।
शिव मंदिरों व घरों में भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करके सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। जिले के प्रमुख शिवमंदिरों में कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराने के लिए पुलिस फोर्स तैनात रही। नगर पालिका प्रशासन की तरफ से मंदिरों के आसपास साफ-सफाई के इंतजाम कराए गए।
सनातन धर्म में मान्यता है कि सावन माह में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। सावन सोमवार भगवान शिव का विशेष दिवस माना गया है। सावन माह के प्रत्येक सोमवार को भोलेनाथ की पूजा-अर्चना बहुत फलदायी मानी गई है।
इसी मान्यता के अनुरूप सावन माह के चौथे व अंतिम सोमवार को जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। नगर के झारखंडी मंदिर शिवालय में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए भोर पहर से ही भक्तों का तांता लग गया। लंबी-लंबी कतारों में लगे श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की।
नगर के वीर विनय चौराहा स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में तमाम भक्तों ने रुद्राभिषेक कराया। मंदिर के उत्तराधिकारी महंत महेंद्र दास जी महराज ने रुद्राभिषेक कर कोरोना वैश्विक महामारी की समाप्ति के लिए प्रार्थना की। राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ मंदिर में भोर पहर से देर रात तक श्रद्घालुओं ने जलाभिषेक व पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से परिवार के सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
पचपेड़वा के शिवगढ़ धाम में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालु दिन भर जुटे रहे। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर, बिजलीपुर स्थित शिवालय उतरौला के दुखहरण नाथ मंदिर में विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की गई।