बलरामपुर में रिंग रोड के लिए प्रस्तावित नक्शा।
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बलरामपुर। शहर को भारी आवागमन के दबाव तथा लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए शहर के चारों तरफ 20 किमी लंबे रिंग रोड का निर्माण कराया जाएगा। इस रिंग रोड में दो रेलवे ओवरब्रिज भी बनेंगे। डीएम ने रिंगरोड के लिए भारत सरकार पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार को 98 करोड़ 95 लाख रुपये का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
बलरामपुर को 22 मई 1997 में जिले का दर्जा दिया गया था। इस शहर में बीते 23 वर्षों से आवागमन का माध्यम शहर के बीचोबीच बनी सड़कें ही हैं। आवागमन का दबाव लगातार बढ़ने से अब हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। यही नहीं सड़कों पर बढ़ रही वाहनों की संख्या तथा उनसे निकलने वाले धुंए से प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक होता जा रहा है। इन्हीं सारी समस्याओं को देखते हुए डीएम ने शहर के बाहर रिंग रोड बनवाने का प्रस्ताव पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार को भेजा है। प्रस्तावित रिंग रोड की कुल लंबाई 20 किलोमीटर है।
इस रिंग रोड पर दो रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे। पहला ओवरब्रिज फुलवरिया बाईपास विशुनीपुर के पास तथा दूसरा ओवरब्रिज तुलसीपार्क नई बस्ती के बाहर राप्ती नदी के तटबंध के पास बनाया जाएगा। रिंग रोड के लिए कुल 98 करोड़ 95 लाख रुपये के व्यय का बजट बनाया गया है। इस रिंग रोड को गोंडा-मार्ग से बहराइच मार्ग, बहराइच मार्ग से तुलसीपुर मार्ग, तुलसीपुर मार्ग से रेहरा सोनार गांव होते हुए उतरौला मार्ग तथा उतरौला मार्ग से फुलवरिया कलवारी होते हुए गोंडा मार्ग को जोड़ा जाएगा। रिंग रोड बनने से न केवल शहर के लोगों को भारी यातायात के दबाव से मुक्ति मिलेगी बल्कि जाम तथा प्रदूषण का खतरा भी काफी कम हो जाएगा।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि मुख्यालय के चारों तरफ रिंग रोड बनवाने का प्रस्ताव भारत सरकार पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार को भेजा गया है। इसके लिए कुल 98.95 करोड़ रुपये बजट की मांग की गई। प्रस्ताव की मंजूरी तथा बजट का आवंटन होते ही रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।