दीपावली पर देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मिट्टी के दीपक बनाने वाले कुम्हारों के चाक ने गति पकड़ ली है। नगर समेत देहात क्षेत्र के कुम्हारों की बस्ती में इन दिनों उनके परिवार के हर एक सदस्य मिट्टी का सामान तैयार करने में जुटे हुए हैं। एक तरफ जहां उन्हें इस बार अच्छी बिक्री की उम्मीद है। वहीं, महंगाई की मार उनकी मेहनत पर पानी न फेर दे, इसकी भी चिंता सता रही है।
बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव निवासी राम प्रवेश, रामायण आदि के घरों में मिट्टी के दीपक, मटकी आदि बनाने के लिए माता-पिता के साथ उनके बच्चे भी हाथ बंटा रहे हैं। कोई मिट्टी गूंथने में लगा है तो किसी के हाथ चाक पर मिट्टी के बर्तनों को आकार दे रहे हैं। महिलाओं को आवां जलाने और पके हुए बर्तनों को व्यवस्थित रखने का जिम्मा सौंपा गया है। इसके साथ ही महिलाएं विभिन्न रंगों से बर्तनों को सजाने में जुटी हैं। दीपावली में मिट्टी से निर्मित चार, छह, बारह एवं 24 दीपों वाले मिट्टी के दीपक की पूजा की जाती है।