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मौसम ने फिर ली करवट, हवा के साथ बारिश

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बारिश के दौरान नगर के चित्तू पांडेय चौराहा के समीप भींगते हुए अपने गंतव्य को जाता बाइक सवार युवक। - फोटो : BALLIA
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बलिया। जिले में करीब 10 दिन बाद रविवार को मौसम में एक बार फिर बदलाव हो गया। दोपहर बाद से ही जहां-तहां तेज हवा के साथ बारिश हुई। शाम को नगर में तेज बारिश हुई। नगर के कई इलाकों में पहले से ही जलभराव है, वहां मुश्किलें बढ़ गईं। इससे किसानों की जहां चिंता बढ़ गई है।
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रविवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली और कभी हल्की और कभी तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। इन दिनों धान की फसलें तैयार हैं और कटाई होने वाली है। ऐसे में यह बारिश किसानों की धड़कनें बढ़ाने लगी है। इसके अलावा, रबी के लिए खेतों को तैयार करना भी मुश्किल हो रहा है। कई इलाकों के खेतों में अभी भी जलभराव है। इससे यह बारिश और मुश्किलें पैदा करेगी। उधर, नगर के कई इलाकों में पहले से ही जलभराव है और फिर बारिश होने से इन मोहल्लों के निवासियों के लिए संकट खड़ा करेगा। नगर के आवास विकास, आनंद नगर, काजीपुरा, परमंदापुर आदि इलाकों में पहले के बारिश से ही जलभराव बना हुआ है।
बेल्थरारोड में भी रविवार को दोपहर अचानक तेज हवा के साथ जमकर बारिश हुई, जिससे खेतों में खड़ी धान की फसल गिरकर पसर गई। किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खेतों में बारिश के जलजमाव से किसान परेशान हैं। खेतों में धान की बालियों तक बरसात का पानी भर गया है, जिससे किसान धान की पकी हुई फसल काटने को लेकर चिंतित हैं। किसान पहले बाढ़ की समस्या से धान की फसल गवां चुके है। अब बची हुई फसल भी तेज हवा के चलते खेतों में गिर कर पसर गयी है।इसके अलावा कुछ खेतों में धान की फसल पक चुकी है, लेकिन खेतों में अभी भी जलभराव की स्थिति है। जिससे किसान फसल काट नहीं पा रहे हैं। उन्हें भय है कि अगर मौसम ऐसा ही बना रहा तो खेत मे ही धान की फसल गल कर बर्बाद हो जायेगी। किसानों द्वारा खेतों में उगाई फसल पूरी तरह बर्बाद होने के कगार पर है। इससे किसानों की बेचैनी बढ़ गई है।
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