बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी की तीन सुरक्षित सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। इसके अलावा पिछड़ी जाति के सात, छह ब्राह्मण, दो भूमिहार, तीन राजपूत और एक कायस्थ को मौका दिया गया है
भाजपा ने बलिया सदर से विधायक व प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला की सीट बदलकर उन्हें बैरिया से उम्मीदवार बनाया है। विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह का टिकट कट गया है। भाजपा ने रविवार देर रात घोषित 45 प्रत्याशियों की सूची में 9 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं, जबकि 21 मौजूदा मंत्रियों व विधायकों को दोबारा मौका दिया है।
भाजपा छोड़कर सपा में गए पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान के खिलाफ मऊ के मधुबन से बिहार के राज्यपाल फागू चौहान के बेटे राम विलास चौहान को मैदान में उतारा गया है। जौनपुर के मल्हनी से केपी सिंह, मुंगरा बादशाहपुर से अजय दूबे, गाजीपुर की जखनियां (सु) से रामराज बनवासी, गाजीपुर से राज्यमंत्री संगीता बलवंत बिंद, जंगीपुर से रामनरेश कुशवाहा, मुहम्मदाबाद से अलका राय, चंदौली की सकलडीहा से सूर्यमुनि तिवारी, सैयदराजा से सुशील सिंह, भदोही से रविंद्र त्रिपाठी, औराई (सु) दीनानाथ भास्कर, मिर्जापुर नगर से रत्नाकर मिश्रा, चुनार से अनुराग सिंह, मड़िहान से राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है।
भाजपा ने रविवार को बलिया की सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए। सबसे आश्चर्यजनक रहा जिले के फायरब्रांड नेता एवं विधायक सुरेंद्र सिंह का टिकट कटना। अब बैरिया विधानसभा से राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला किस्मत आजमाएंगे। बैरिया से विधायक सुरेंद्र सिंह पहले ही चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। उन्होंने फेसबुक में लिखा है कि वह आठ फरवरी को निर्दलीय नामांकन करेंगे।