घर में जल चुके सामानों को देखते लोग।
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निपानिया मोजे में आग फैलने पर उसे बुझाने का प्रयास किया, लेकिन पछुवा हवा के थेपेड़ों से आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। पास स्थित संतोष यादव, वीरेंद्र यादव, रंजीत यादव, पंकज यादव, मन्नू यादव, सोनू यादव के रिहायशी मड़हे और उसमें रखें सारा सामान जलाकर राख कर दिया।
इसके पूर्व आग ने निपनियां मौजे में सत्यनारायण यादव के दो, सुरेश यादव के पांच, रामायण यादव के चार, अभय के दो, पारस के दो, मुन्ना व पारस के दो, लेखपाल के एक, बीरबल के एक, गुलाब यादव के दो, प्रशांत के एक, अजीबुल्लाह के एक, वीरेंद्र और लालन के दो बीघा, अरविंद यादव के दो, श्रीनिवास यादव के दो, यादव के चार, उपेंद्र यादव के दो, लल्लन के दो, अरविंद के दो, श्रीनिवास के दो, मनोज चौधरी के चार, शिवजी के तीन, लल्लन चौधरी के दो, मंटू लाल के दो और त्रिभुवन के दो बीघा समेत अन्य किसानों के खेत में खड़ी गेहूं की फसल जल कर राख हो गई है।