ओमप्रकाश ने मोबाइल से हुई बातचीत में बताया कि एक वर्ष पूर्व भाभी को पथरी की शिकायत होने पर महिला अस्पताल रोड स्थित अल्ट्रासाउंड जांच कराने के दौरान चंद्रपुरा गांव निवासी आशीष से मुलाकात हुई थी। उसी गांव की ओमप्रकाश की भाभी भी थी। उसके बाद दोनों में आए दिन बात होने लगी। इसकी जानकारी होने पर ओमप्रकाश ने आशीष को भाभी से दूर रहने की चेतावनी दी।
इसपर आशीष आक्रोशित हो उठा। कुछ दिन पूर्व वह टेक्साइल फैक्ट्री में काम करने अहमदाबाद पहुंचा था। इसी दौरान उसने ओमप्रकाश को झूठे केस में फंसाने की साजिश रची। मनियर प्रभारी प्रवीण सिंह ने बताया कि अहमदाबाद पुलिस से बात हुई है। उन्होंने जांच के बाद निर्दोष मिलने पर ओमप्रकाश को छोड़ दिया है।
अहमदाबाद पुलिस आयुक्त कार्यालय को 25 जनवरी को एक पत्र मिला। पत्र में गणतंत्र दिवस पर अहमदाबाद रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड सहित विभिन्न स्थानों पर बम विस्फोट करने की धमकी दी गई थी। पत्र में गुजरात मे नौकरी करने वाले ओमप्रकाश का मोबाइल नंबर लिखा था। मामले की तफ्तीश में जुटी गुजरात पुलिस 27 जनवरी को बलिया पहुंची और देवरार गांव से ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर अहमदाबाद अपने साथ लेती गई।