बेल्थरारोड। सरयू नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने से तटवर्ती बाशिंदों में खलबली मच गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान जलस्तर में 14 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। एल्गन ब्रिज के अपस्ट्रीम में बाराबंकी से पानी छोड़े जाने से सरयू नदी में उफान है और निरंतर जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इससे बाढ़ की आशंका को लेकर तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग सहम गए हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रविवार की शाम जलस्तर 64.680 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.010 से 67 सेंटीमीटर अधिक है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का पूर्वानुमान किया है। ऐसे में बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। हाहानाला से टगुनिया तक कई किलोमीटर विस्तृत भू-भाग में नदी का पानी फैल गया है। टीएस बंधे पर सतह से पांच फुट ऊपर तक पानी पहुंच गया है। चैनपुर गुलौरा के प्रधान सियाराम यादव के आवास में बाढ़ का पानी घुस गया है। हाहानाला, तुर्तीपार और हल्दीरामपुर रेगुलेटरों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। रेगुलेटर से पानी का रिसाव हो रहा है। चैनपुर गुलौरा के यादव और मल्लाह बस्ती के निकट बाढ़ का पानी पहुंच गया है। तुर्तीपार की कई बस्तियां बाढ़ के पानी से घिर गई हैं। महुआतर स्थित प्राचीन शिव मंदिर के अस्तित्व को खतरा पहुंच गया है। कई ग्रामों की सीमा पर नदी का पानी पहुंच गया है। जलस्तर में वृद्धि से चैनपुर गुलौरा, मठिया, टगुनिया, महुआतर, खैराखास, तुर्तीपार, मुजौना, बेल्थराबाजार, सहिया, सोनबरसा, हल्दीरामपुर आदि ग्रामों की लोग बाढ़ के खतरे को लेकर भयभीत हैं। सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूबकर बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो लोगों को बाढ़ की विभीषिका का सामना करने को विवश होना पड़ेगा। एसडीएम सर्वेश कुमार ने तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ को लेकर प्रशासन सतर्क है। तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई, जो बाढ़ की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में लोगों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था कर ली गई है।