बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर टाड़ी गांव प्राथमिक विद्यालय को ठोकर मारती सरयू नदी की लहरें। वीडियो
बलिया। जिले में सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मनियर, बांसडीह व बैरिया में कई गांवाें की आबादी कटान के मुहाने पर है। डीएम की ओर से गांवों में लेखपाल व सचिव को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, एसडीएम व तहसीलदार गांवों का लगातार दौरा कर रहे हैं। बेल्थरारोड में जलस्तर में बढ़ोतरी से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार की शाम चार बजे जलस्तर 63.710 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.01 से 30 सेंटीमीटर नीचे है। आयोग का कहना है कि आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है।
आयोग ने अगले 24 घंटे में वृद्धि जारी रहने का पूर्वानुमान किया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित क्षेत्रों में बाढ़ व कटान को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जलस्तर में वृद्धि की यही रफ्तार जारी रही तो आने वाले दिनों में नदी खतरे के निशान पार कर सकती है।
उधर, उत्तरी दियराचंल में सरयू नदी के तल्ख तेवर के कारण कटान तेजी से हो रही है। नौका गांव (मांझा), धूपनाथ के डेरा, वशिष्ठ नगर, गोपाल नगर, गोपाल नगर टाड़ी, सिवाल मठिया गांव में लोगों के आशियाना को अपने आगोश में लेने को आतुर दिख रही है।
वहीं, अधसिझुआ, चाई छपरा, गुमानी के डेरा, बकुलहा,टोला फते राय के पास उपजाऊ जमीन रोज सरयू नदी में कटकर विलीन हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार 15 किलोमीटर की लंबाई में सुरेमनपुर दियरांचल में कटान के कारण प्रतिदिन करीब 100 एकड़ खेत सरयू नदी में समाहित हो रहे हैं। सुरेमनपुर दियराचंल के सभी गांवों पर कटान का खतरा है।