आर्सेनिक से निजात देने के लिए गंगा नदी के जल से सरफेस वाटर पेयजल बैरिया के इब्राहिमाबाद उपरवार अग्नि शमन केंद्र के सामने खोलने की कवायद शुरु हो गई है। शासन के आदेश पर तहसीलदार बैरिया शशिकांतमणि ने संबंधित लेखपाल राजाराम सिंह को मौजा इब्राहिमाबाद उपरवार में 12 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर उप्र जल निगम बलिया को आवटिंत करने का आदेश दिया है। यहां पर सरफेस वाटर पेयजल योजना स्थापित हो जाने से पूरे बैरिया विधान सभा क्षेत्र को आर्सेनिक से निजात मिल जाएगी।
पूरे जनपद को शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने के लिए जिले में तीन इंटक वेल बनाए जाएंगे। कोरंटाडीह, पचरूखिया व शिवपुरघाट के वेल से जल इब्राहिमाबाद आएगा। वहां से फिल्टर करके बैरिया विधान सभा ही नहीं, बल्कि जिले के प्रत्येक आर्सेनिक क्षेत्र मे जलापूर्ति होगी। बलिया में आर्सेनिक से निजात के लिए सरफेस वाटर पेयजल योजना स्थापित करने के लिए इंटक जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने आर्सेनिकयुक्त जल लंबे समय से सेवन कर रहे जनपदवासियो का हवाला देते हुए भारत सरकार व उप्र सरकार के सचिव पेयजल को पत्र लिखा था ।
पत्र को संज्ञान में लेते हुए शासन से इस योजना की स्वीकृति प्रदान करते हुए जल निगम के अधिशासी अभियंता कायम हुसैन को निर्देशित किया है। अधिशासी अभियंता ने भूमि उपलब्ध कराने के लिए उप्र जिलाधिकारी बैरिया को पत्र भेजा तो योजना की स्थापना के लिए तहसीलदार ने तत्काल लेखपाल को भूमि आवंटित करने का आदेश दिया है। योजना अगर स्थापित हो गई तो जिले को आर्सेनिक से मुक्ति मिल जाएगी।