रामगढ़। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही एनएच-31 व गंगा के मुहाने पर बसे गांव को गंगा की गोद में जाने से बचाया जा सकेगा। यहीं नहीं सरयू टोंस और मगई नदी के किनारे भी कटानरोधी कार्य किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर से करीब 135 करोड़ की 29 परियोजनाओं को परियोजनाओं की हरी झंडी मिल गई है। शासन ने बाढ़ कटान की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इस काम को समय से पूरा करने के लिए कमर कस ली है। बाढ़ खंड की ओर से इन परियोजनाओं के लिए टेंडर भी कर दिए गए हैं। बाढ़ खंड की ओर से इस साल गंगापुर से लेकर दुबे छपरा तक की परियोजना बनाकर समय से शासन में भेजा गया था। इसकी शासन स्तर से हरी झंडी मिल गई है।
अक्टूबर माह में करीब 50 करोड़ की लागत से होने वाले कटान रोधी परियोजनाओं को बनाकर जिलाधिकारी के माध्यम से शासन में भेजा था। परियोजनाओं के तहत चौबे छपरा के सामने स्थित स्पर संख्या 27.500 से लेकर दुबे छपरा तक करीब 900 मीटर की दूरी में रिवेटमेंट का कार्य होना है। साथ ही दो ठोकर का भी निर्माण किया जाएगा।मगई और टोंस नदी के किनारे बसे लोगों को भी बाढ़ से राहत दी जाएगी। बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र ने बताया कि 135 करोड़ की लागत से होने वाले कटान रोधी कार्य की परियोजनाओं की निविदा निकाली गई है। शासन स्तर से जैसे ही निविदा की प्रक्रिया पूर्ण होती है और धन मिलते ही कटान रोधी कार्य शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना में 19 कटान रोधी कार्य, 9 बंधा मार्ग और कटहल नाले पर एक परियोजना को मंजूरी मिली है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का काम होने से सुघर छपरा, दुबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा आदि गांवों के साथ ही सरयू, टोंस मंगई नगी की बाढ़ और कटान से निजात मिलने की उम्मीद है। साथ एनएच-31 भी सुरक्षित हो जाएगा। इस बात की सूचना जैसे ही गंगा के मुहाने पर बसे गांव के लोगों को मिली खुशी की लहर दौड़ गई है।
----------------------
इन कार्यों को किया गया शामिल
--बलिया-बैरिया तटबंध की सुरक्षा के लिए किमी 27.950 पर स्पर निर्माण।
--जगदीशपुर, नरदरास भुसौला एवं बिंद टोलिया की सुरक्षा के लिए परियोजना।
--बलिया-बैरिया तटबंध की सुरक्षा के लिए किमी 27.540 से किमी 27.910 के बीच रिवेटमेंट।
--बलिया-बैरिया तटबंध की सुरक्षा के लिए तिमी 27.990 से किमी 28.570 के बीच रिवेटमेंट।
--ग्राम समूह दूबे छपरा, गोपालपुरस उदई छपरा के सुरक्षा के लिए कार्य।
--दुबे छपरा, टेंगरही रिंग बांध के किमी .450 पर फार्क स्पर और कट इंड।
-- सरयू नदी के दाएं तट पर डूहा-कथौड़ा रिंग बांध के किमी 3.800 से किमी 4.100 के बीच सुरक्षा कार्य।
--तुर्तीपार श्रीनगर तटबंध की सुरक्षा के लिए किमी परक्यूपाइन और स्परों का पुनरोद्धार।
--गोपालनगर टाड़ी में परक्यूपाइन निर्माण।
--हैबतपुर और माल्देपुर में सुरक्षात्मक कार्य।
--टोंस नदी के दाएं तट पर इंदरपुर-थम्हनपुरा में सुरक्षा कार्य।
--टोंस नदी के किनारे रामपुर चिट में सुरक्षा कार्य।
--सरयू नदी के किनारे बेल्थरा बाजार में सुरक्षा कार्य।
--सरयू के किनारे चैनपुर गुलौरा में सुरक्षा कार्य।
--मगई के किनारे मिल्की और मझरियां में सुरक्षा कार्य।
--गंगा के बाएं तट पर पलिया खास में सुरक्षा कार्य।
--टोंस के किनारे बघड़ा की मठिया और गंगहरा में सुरक्षा कार्य।
--कटहल नाले पर रेगुलेटर निर्माण।
आखिर कब पूरा होगा तीन परियोजनाओं का अधूरा कार्य
रामगढ़। करीब 35 करोड़ की लागत से गंगापुर डकरा से लेकर चौबे छपरा तक की तीन परियोजनाओं का कार्य गत साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन बाढ़ विभाग व ठेकेदारों की लापरवाही के कारण आज तक वह कार्य पूर्ण हो सका। जैसे ही गंगा का जलस्तर डेंजर लेवल को पार किया तो विभाग के हाथ-पांव फूलने लगे थे। ठेकेदारों की शिथिलता के कारण तीनों परियोजनाओं का काम अधूरा पड़ गया। विभाग बहाने के तौर पर कहने लगा कि गंगा का जलस्तर घटने के बाद अधूरे काम को पूरा कर दिया जाएगा। जो काम चार माह में पूरा होना था वह आज आठ माह बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका। इस बाबत बाढ़ बिभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि ठेकेदारों को नोटिस कर दिया गया है। एक सप्ताह के अंदर अधूरे काम शुरू नहीं किया गया तो इन ठेकेदारों को काली सूची में डालने का शासन में लिखा जाएगा।