बलिया। क्रय केंद्रों पर धान की खरीद में अब कुछ तेजी आई है। हालांकि लक्ष्य के सापेक्ष खरीद काफी दूर है। पंजीकृत किसानों का सत्यापन कार्य भी काफी धीमी गति से हो रही है। इसके चलते किसानों को तहसीलों का चक्कर काटना पड़ रहा है। कुल पंजीकृत 17652 के सापेक्ष 1363 किसानों का दस्तावेज अभी राजस्व विभाग के यहां अटका पड़ा है।
शासन की ओर से क्रय केंद्रों पर किसानाें से धान खरीद पर काफी जोर है। लेकिन राजस्व विभाग की सुस्ती के कारण कई किसान अपना धान क्रय केंद्रों पर नहीं ले जा पा रहे हैं। किसानों से धान खरीद के लिए जिले में 80 क्रय केंद्र खोले गए हैं। सभी केंद्र एक नवंबर से ही संचालित हैं। शुरुआत काफी धीमी रही लेकिन अब किसानों के धान तैयार होने लगे हैं और खरीद में कुछ गति आई है। लेकिन डेढ़ माह बाद भी निर्धारित लक्ष्य 1.15 लाख मी. टन के सापेक्ष अबतक कुल 27169 मी. टन की ही खरीद हो सकी है। दूसरी ओर पंजीकृत किसानों के दस्तावेज सत्यापन का कार्य भी विभिन्न तहसीलों में सुस्त है। अलग-अलग तहसीलों में कुल 1363 किसानों के दस्तावेजों का सत्यापन नहीं हो सका है।
बताया जाता है कि सत्यापन के लिए किसानों को तहसीलाें का चक्कर काटना पड़ता है। यही कारण है कि कागजी परेशानी को देख किसान बाजारों में धान को बेच दे रहे हैं। उधर, सोमवार को मंडलायुक्त ने भी धान खरीद की समीक्षा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया। कहा कि क्रय केंद्र प्रभारी किसानों से संपर्क बनाए रखें और प्रतिदिन केंद्र पर धान की खरीद सुनिश्चित की जाए।
पांच केंद्रों पर 18 हजार क्विंटल खरीद, साहूकारों की भी चांदी
नगरा/ इंदरपुर। क्षेत्र के पांच धान क्रय केंद्रों पर डेढ़ माह में 309 किसानों से 18 हजार क्विंटल धान की खरीद हुई है। धान खरीद के मामले में खाद्य विभाग के क्रय केंद्र को यदि छोड दिया जाए तो साधन सहकारी समितियों पर संचालित क्रय केंद्रों की हालत काफी खराब है। इन क्रय केंद्रों पर इक्के दुक्के ही किसान पहुंच रहे हैं। इसके विपरीत साहूकारों की चांदी कट रही है। इनके गुप्त गोदाम फुल हो चुके हैं। ये साहूकार किसानों के दरवाजे पर पहुंच कर 17 सौ से 18 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रहे हैं। विपणन निरीक्षक, केंद्र प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि 20 हजार क्विंटल निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 100 किसानों से 7 हजार क्विंटल धान खरीदा गया है। अब जाकर किसानों का आना शुरु हुआ है। साधन सहकारी समिति खारी के केंद्र प्रभारी लाल बाबू सिंह ने बताया कि 40 किसानों से 2200 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। साधन सहकारी समिति डिहवां के प्रभारी छोटेलाल यादव ने बताया कि 113 किसानों से 5300 क्विंटल धान की खरीद की गई है। साधन सहकारी समिति कसौंडर के प्रभारी हरिंद्र सिंह ने बताया कि 26 किसानों से 2000 क्विंटल धान खरीदा गया है। साधन सहकारी समिति करनी के प्रभारी ने बताया कि 30 किसानों से 1398 क्विंटल धान की खरीद हुई है। किसानों का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्र पर धान ले जाने पर अनेक परेशानियों को झेलना पड रहा है। ट्राली का किराया, पल्लेदारी तो देना ही पड रहा है। कर्मचारी खराब धान बता कर कटौती भी कर रहे हैं। क्रय केंद्र पर धान ले जाकर अपनी बारी का इंतजार भी करना पड रहा है। जबकि साहूकार दरवाजे पर ही जाकर खरीद ले रहे हैं। विपणन निरीक्षक धर्मेंद्र यादव ने कहा कि किसान धान लेकर पहुंचने लगे हैं। जो भी किसान धान लेकर पहुंचेंगे उनका खरीदा जाएगा।
किसानाें के यहां अब धान की फसल तैयार होने लगी है जिससे खरीद की गति बढ़ी है। किसानों को धान बेचने के बाद उनके खाते में धनराशि भेजने का इंतजाम किया गया है। आने वाले दिनों में खरीद में और तेजी आने की उम्मीद है।
- अविनाश चंद्र सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया।
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