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अब नदियों में प्रवाह नहीं होंगे शव, जिले में बनेंगे छह अंत्येष्टि स्थल

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बलिया। अंत्येष्टि स्थल के अभाव में लोग शवों को नदियों में प्रवाह कर देते हैं या अधूरे जले शवों को भी नदियों में बहाते हैं। इसको लेकर शासन सख्त है। गांवों में लोगों की सुविधा के लिए अंत्येष्टि स्थल निर्माण कराने की तैयारी चल रही है। वर्ष 2021-22 में जिले के लिए छह अंत्येष्टि स्थल निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रत्येक अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए शासन की ओर से 24 लाख 11 हजार 640 की धनराशि मुहैया कराई जाएगी। ग्राम पंचायतों से मिले प्रस्तावों पर अधिकारी गांवों के चयन में जुटे हैं।
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प्रदेश सरकार ने गांवों में अंत्येष्टि स्थल बनाने का फरमान वर्ष 2014-15 में दिया था और तत्कालीन सरकार के कार्यकाल हर साल अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण हुआ। इसके बाद वर्ष 2017 में नई सरकार ने इस मद को स्थगित कर दिया। लेकिन वर्ष 2020-21 में योजना को फिर शुरू करते हुए धन देना शुरू कर दिया। वर्ष 2020-21 में जिले के आठ गांवों का चयन अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए किया गया और प्रत्येक अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए धन भी उपलब्ध करा दिया। अब वर्ष 2021-22 के लिए भी शासन की ओर से छह अंत्येष्टि स्थल निर्माण का शासन ने लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य के सापेक्ष निर्माण के लिए जिले के कुल 44 ग्राम पंचायतों ने जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को प्रस्ताव भी उपलब्ध कराया है। अब अधिकारियों की टीम प्रस्तावों की पड़ताल में जुटी है। प्रस्तावों के आधार पर छह गांवों में अंत्येष्टि स्थल निर्माण की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजेगी। इसके बाद शासन की ओर से धन जारी किया जाएगा।
बने 36 अंत्येष्टि स्थल, आठ निर्माणाधीन
बलिया। वर्ष 2014-15 में शासन की ओर से गांवों में अंत्येष्टि स्थल बनाने का फरमान जारी करते हुए निर्माण कार्य के लिए प्रति अंत्येष्टि स्थल 13.23 लाख की धनराशि पंचायती राज विभाग को जारी की। शुरुआती साल में जिले के 12 ब्लॉकों के 15 गांवों का चयन किया गया और संबंधित ग्राम पंचायतों को धनराशि भी भेज दी गई। इस दौरान कुल 36 अंत्येष्टि स्थल बने, जिनमें आठ निर्माणाधीन हैं। वर्ष 2015-16 में कुल 17 व वर्ष 2016-17 में चार गांवों का चयन कर अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए धनराशि भेजी गई। इसके बाद वर्ष 2020-21 में आठ अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए धनराशि दी गई है। अब एक अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए शासन की ओर से 24 लाख 11 हजार 640 रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।
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शुरुआत होने से पहले ही कटान की भेंट चढ़ गया अंत्येष्टि स्थल
बलिया। लालगंज क्षेत्र के सती घाट व शिवपुर घाट पर सबसे ज्यादा शवों को जलाने का काम होता है। इसको देखते हुए वर्ष 14-15 में 13.23 लाख रुपये की लागत से अंत्येष्टि स्थल बनाया गया था। अभी उसमें शवों के जलाने की शुरुआत हो इसके पहले यह वर्ष 2016 में गंगा की कटान का भेंट चढ़ गया और इस घाट पर से शव दाह गृह का अस्तित्व समाप्त हो गया।
अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए शासन की ओर से छह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 44 ग्राम पंचायतों की ओर से प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। सभी प्रस्तावों की पड़ताल के बाद गांवों का चयन कर शासन को भेजी जाएगी।
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- एके श्रीवास्तव, डीपीआरओ, बलिया।
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