कुछ दिनों पहले तेज हवा और बारिश से कई इलाकों में धान की फसलें बर्बाद हो गईं। फसल बीमा कराने वाले कई किसानों ने जिला कृषि अधिकारी से गुहार लगाई। अधिकारी ने बीमा एजेंसी को गजलों का आंकलन करने का निर्देश दिया लेकिन अभी तक किसी भी क्षेत्र में बीमा एजेंसी के कर्मियों ने सर्वे नहीं किया। इसे लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
करीब 10 दिन पहले लगातार तीन दिनों तक रुक-रुक बारिश हुई। इसी दौरान तेज हवा का भी असर रहा। तेज हवा और बारिश ने गड़हांचल इलाके में खूब तबाही मचाई है। खेतों में धान की फसलें गिर गई हैं और जलभराव भी है। किसानों की मानें तो फसलें अब सड़ने लगी हैं। एक सप्ताह पहले गड़हांचल के विभिन्न गांवों के किसानों ने जिला कृषि अधिकारी से फसल बीमा के कागजात आदि के साथ क्षतिपूर्ति के लिए दावा किया। जिला कृषि अधिकारी ने बीमा एजेंसी के जिला प्रबंधक को निर्देश भी दिया लेकिन किसी भी गांव में कोई सर्वे करने नहीं पहुंचा। नारायनपुर के किसान चौधरी रामजी राय, शंकर राय आदि ने बताया कि बीमा एजेंसी की ओर से लापरवाही की जा रही है। इसके चलते, किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार ने बताया कि बीमा एजेंसी के मुख्यालय को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया जाएगा।