बलिया। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी अदिति सिंह ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने जनपद के छह अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है। इसमें सीएमओ, डीपीआरओ के साथ ही कई एक्सईएन शामिल हैं। ये कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मुख्यमंत्री ने लंबित शिकायतों को लेकर सभी जनपदों से रिपोर्ट तलब की थी।
सीएम योगी आदित्यनाथ तहसील एवं थाना दिवस पर होने वाली जनसुनवाई को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए प्रत्येक थाना और तहसील दिवस पर वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता को सुनिश्चित किया था। बावजूद अभी भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने सूबे के सभी जनपदों से थानों और तहसीलों पर लंबित मामलों की सूची तलब की है। इस मामले को लेकर डीएम अदिति सिंह की ओर से भी कड़ी कार्रवाई की गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी के यहां 'सी' श्रेणी के आवेदन काफी लंबित थे, जिसकी वजह से जनपद की रैंकिंग प्रभावित हुई है। इसके अलावा अन्य जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनके यहां भी 'सी' श्रेणी के काफी आवेदन हैं। काफी ऐसे आवेदन हैं, जिनमें शिकायत के निस्तारण से असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं ने दोबारा शिकायत की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तन्मय कक्कड़, डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव, विद्युत वितरण प्रथम, तृतीय और चतुर्थ के अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसलिए पूरी जिम्मेदारी से निस्तारण कराया जाए।