शारदीय नवरात्र बृहस्पतिवार से आरंभ हो रहा है। जिसकी तैयारी नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों और घरों में साफ-सफाई एवं रंग-रोगन का कार्य पूरे दिन चलता रहा। इस दौरान देवी मंदिरों को प्राकृतिक व अप्राकृतिक फूलों से सजाया गया। मां के भक्तों के दर्शन व पूजन के लिए जिले के प्रमुख 13 देवी मंदिरों के गेट चार बजे भोर से खोल दिए जाएंगे। उधर, पूजन की तैयारी को लेकर श्रद्धालु नारियल, चुनरी, फूल-माला, प्रसाद खरीदने के लिए बाजारों में उमड़ पड़े। वहीं, देवी मंदिरों के आसपास भी नारियल, चुनरी, प्रसाद आदि की दुकानें सजकर तैयार हैं। इसके अलावा सुरक्षा के भी प्रबंध किए गए हैं। मां के भक्त शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करेंगे। इस दौरान मंदिर के अंदर मास्क लगाकर एक साथ पांच लोग ही दर्शन के लिए जा सकेंगे।
नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। नवरात्र के पहले दिन मां के भक्त नगर के गुदरी बाजार व जापलिनगंज दुर्गा मंदिर तथा ब्रह्माइन स्थित ब्राह्मणी देवी, शंकरपुर स्थित शांकरी भवानी, फेफना थाना के कपूरी गांव स्थित कपिलेश्वरी भवानी मंदिर, नरहीं थाना के कोरंटाडीह स्थित मंगला भवानी, रसड़ा के काली मंदिर, नीबू कबीरपुर व उचेड़ा स्थित चंडी भवानी, सिकंदरपुर के जल्पा-कल्पा मंदिर, मनियर के बुढ़ऊ बाबा मंदिर व नवका बाबा मंदिर, रेवती के पचरूखा देवी गायघाट मंदिर पर मां के भक्तों ने नारियल, चुनरी, प्रसाद चढ़ाकर परिवार के मंगलमय की कामना करेंगे। वही अपने-अपने घरों में मां की आराधना में कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त में कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करेंगे। बृहस्पतिवार की सुबह से ही पूजन की तैयारी को लेकर श्रद्धालु नारियल, चुनरी, फूल माला, प्रसाद खरीदने के लिए बाजारों में उमड़ पड़े। पिछले वर्ष देवी मंदिरों में भक्तगणों को बाहर से ही दर्शन पूजन करना पड़ा था।