पंदह (बलिया)। खेजुरी थानाक्षेत्र के मासूमपुर (बहेरी) गांव में रविवार की देर रात निजी विद्यालय के एक शिक्षक और उसकी पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। शव घर के बाहर दरवाजे पर मिले। घटना की वजह का पता नहीं चल सका। मृतक के बड़े भाई राधेश्याम चौरसिया की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
मासूमपुर गांव निवासी श्यामलाल चौरसिया (60), पत्नी बासमती देवी (55) के साथ बहेरी चट्टी से थोड़ा आगे घर बनाकर रहते थे। घर से 200 मीटर दूर स्थित एक निजी विद्यालय में वह शिक्षक थे।
घर पर सुबह-शाम ट्यूशन भी पढ़ाते थे। ग्रामीणों के अनुसार, दंपती काफी व्यावहारिक थे। कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था। वे खेतीबाड़ी भी करते थे। इनका बेटा दीपू चौरसिया एयरफोर्स (आगरा) में तैनात है। पुत्री अमृता की शादी हो चुकी है, जो कोलकाता में रहती है।
रविवार की देर रात श्यामलाल और बासमती की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। दोनों के शव घर के बाहर दरवाजे पर मिले।
ग्रामीणों की सूचना पर रात 10 बजे एसपी ओमवीर सिंह, एएसपी उत्तरी अनिल कुमार झा के अलावा सिकंदरपुर और पकड़ी थाने की पुलिस पहुंची। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। एसपी ने परिजनों और पड़ोसियों से जानकारी ली। एसपी ने बताया कि दोनों के शरीर पर धारदार हथियार के निशान मिले हैं। घटना के खुलासे के लिए चार टीमें बनाई गई है। इसमें एएसपी अनिल कुमार झा, क्षेत्राधिकारी गौरव कुमार की टीम के अलावा स्वॉट टीम, सर्विलांस टीम शामिल है।
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पांच फीट के फासले पर थे पति-पत्नी के शव
मृतक श्यामलाल चौरसिया तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई राधेश्याम और मझले भाई घनश्याम चौरसिया का परिवार मासूमपुर स्थित पैतृक मकान में रहता है। बहेरी चट्टी से थोड़ा आगे पैतृक जमीन में तीनों भाइयों ने मकान बना रखे हैं। श्यामलाल अपनी पत्नी के साथ इसी मकान में रहते थे। बाकी दोनों भाई ने अपना मकान किराये पर दे दिया है। बगल स्थित स्कूल से लौटने के बाद वे सुबह-शाम यहीं बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। भाई राधेश्याम ने बताया कि उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं था। रविवार की रात गांव के एक व्यक्ति ने घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंचा तो श्यामलाल का शव दरवाजे से पांच फीट दूर पड़ा था। पत्नी की लाश दरवाजे के सामने पड़ी थी। ट्यूशन वाले कमरे का ताला खुला था और ताला चाभी बेंच पर थी। ऐसा लग रहा था कि हमलावरों ने घर से बाहर बुलाकर बगल के कमरे में उनसे बात की। फिर धारदार हथियार से हत्या कर दी। उनकी चीख पुकार सुन घर से बाहर निकली उनकी पत्नी की भी इसलिए हत्या कर दी ताकि उनकी पहचान न होने पाए।
नवासे की भूमि को लेकर थी खटास
कोतवाली थाना क्षेत्र के अमृतपाली निवासी ब्रह्मदेव चौरसिया की दो पुत्रियां थी। बड़ी बेटी लखपतिया देवी की शादी बैरिया थाना क्षेत्र में हुई है, लेकिन वे सपरिवार लखनऊ में रहती हैं। छोटी बेटी बासमती की शादी श्यामलाल से हुई थी। ब्रह्मदेव चौरसिया की अमृतपाली में काफी जमीन थी। 2016 में निधन से पूर्व ही उन्होंने अपनी जमीनें बेच कर अपनी दोनों पुत्रियों को पैसा दे दिया था। ब्रह्मदेव चौरसिया की मौत के बाद उनकी पत्नी अपनी छोटी पुत्री बासमती के यहां ही रहती थी। उनके निधन के बाद बची कुछ जमीन श्यामलाल और उनके साढ़ू को मिली है। श्यामलाल के ससुर का अमृतपाली में बनवाया गया एक धर्मशाला भी है। चर्चाओं के अनुसार उस जमीन और धर्मशाला को लेकर कुछ लोगों से खटास चल रही है। हालांकि इस मामले में कोई कुछ बोल नहीं रहा है, लेकिन पुलिस इन तमाम पहलुओं पर जांच कर रही है। दोहरे हत्याकांड के खुलासे के लिए चार टीमों को सक्रिय भी कर दिया गया है।
डीआईजी ने घटना स्थल का किया निरीक्षण
पुलिस उपमहानिरीक्षक (आजमगढ़) सुनील कुमार सिंह ने शाम 4 बजे घटना स्थल का मुआयना किया। जानकारी ली। कहा कि घटना को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए चार टीमें लगा दी गई हैं। साक्ष्यों की छानबीन की जा रही है।
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पुलिस के इकबाल पर उठ रहे सवाल
सर्किल सिकंदरपुर के पड़ोसी थाना क्षेत्रों में चार दिनों के अंदर हुई दो बड़ी वारदात ने पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़ा कर दिया है। बृहस्पतिवार की देर शाम को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के खरीद में हुई चाचा-भतीजे की हत्या में 11 नामजद हत्यारोपितों में 10 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब सिकंदरपुर और खेजुरी थाने के बार्डर पर हुई पति-पत्नी की हत्या ने सबको दहला दिया है। लोगों का कहना है कि यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है। घटना स्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर मासूमपुर पुलिस चौकी है। देर शाम तक बहेरी बाजार में पुलिस गश्त भी करती है। बावजूद इसके दो लोगों की हत्या कर अपराधियों का निकल जाना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में कमी को इंगित करता है।