बलिया/ दुबहर। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक मंगल पांडेय के शहादत दिवस पर शुक्रवार को उनके पैतृक गांव नगवां में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बलिया-सियालदह एक्सप्रेस का नामकरण मंगल पांडेय के नाम पर करने की मांग की गई।
शहीद मंगल पांडेय स्मारक सोसायटी की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सेवानिवृत्त सैनिक अरुणेश पाठक, नवरोत्तम, समाजसेवी द्वारिका, डा इसरार, डॉ अमित सिंह और पूर्व प्रमुख उमाशंकर पाठक को सम्मानित किया गया। कांग्रेस नेता एवं सोसायटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने कहा कि नई पीढ़ी को शहीदों के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से परिचित कराना चाहिए। यह काम सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है। इसके लिए शिक्षाविद और समाजसेवियों को प्रयास करना चाहिए। वर्ष 1857 की क्रांति पहली लौ शहीद मंगल पांडेय ने जलाई और 90 साल के संघर्ष के बाद 1947 में आजादी मिली। स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों व दस्तावेजों का संग्रह करने में शोध संस्थानों को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। हरिशंकर पाठक, भुनेश्वर पासवान प्रधान नगवां, लल्लू पाठक, झीलू राम, संतोष यादव, लक्ष्मण पासवान, हेमंत पांडेय, सूर्य देव यादव, रामेश्वर तिवारी,धनजी पांडेय, हरेराम पाठक ब्यास, धर्मेंद्र यादव आदि लोगों उपस्थित रहे।
शहीद मंगल पांडेय इंटर कॉलेज नगवा में प्रबंधक डॉ बृकेश कुमार पाठक के नेतृत्व में मंगल पांडेय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस मौके पर बलिया-सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन का नाम शहीद मंगल पांडेय के नाम पर करने की मांग की गई। यह ट्रेन बैरकपुर जाती है, जहां की छावनी में मंगल पांडेय ने विद्रोह किया था। सांसदों से इसकी मांग करने का अनुरोध किया गया। प्रधानाचार्य डॉ रवि राय, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक क्षितेश्वर मिश्रा, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, छोटेलाल पाठक, जयप्रकाश पांडेय, दयानंद उपाध्याय, परमात्मा जी, लालचंद राम आदि मौजूद रहे। तत्पश्चात जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार ने शहीद मंगल पांडेय इंटर कॉलेज नगवा में चल रहे हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के सुचिता एवं गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया। मंगल पांडेय विचार मंच के कार्यकर्ताओं ने नशा मुक्ति अभियान छेड़ने का संकल्प लिया। इस मौके पर मुख्य रूप से भूतपूर्व सैनिक विमल पाठक, कमलदेव सिंह, कृष्णकांत पाठक, गणेशजी सिंह, रणजीत सिंह नितेश पाठक, रविंदरपाल संतोष गुप्ता हरिशंकर पाठक सूर्यदेव यादव आदि रहे ।