बैरिया। सुद्ष्टि बाबा मेले का अश्वमेला इटावा, सहरसा, बाराबंकी से आए घोड़ों से गुलजार हो गया है। मेला प्रबंधन की ओर से बिजली, पानी, सुरक्षा सहित अन्य तरह की सुविधाएं पिछले साल से बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई गई हैं। मेले में प्रति घोड़ा बिक्री 200 रुपये व खरीद शुल्क 500 रुपये निर्धारित है। मेले का आयोजन ग्राम पंचायत कोटवां की ओर से किया गया है।
अश्वमेले का समापन सात दिसंबर को होगा। धनुष यज्ञ मेले का शुभारंभ पारंपरिक पूजा के साथ आठ दिसंबर से होगा जो तीन जनवरी तक चलेगा। अश्व मेले में चाईछपरा के भूलन यादव का घोड़ा सर्वाधिक मूल्य का है। इसके लिए ग्राहक डेढ़ तक देने को तैयार हैं। वहीं, उसी गांव के कमल यादव की घोड़े को 1.20 रुपये लाख मिल रहा है। अन्य घोड़े इससे कम मूल्य के हैं। पिछले साल कोरोना के कारण किसी तरह धनुषयज्ञ मेले की औपचारिकता पूरी की गई थी। बाहर के व्यापारी नहीं आए थे। इस साल मेला भव्य होगा। इसको लेकर आयोजक व व्यवसायी काफी उत्साहित हैं। शनिवार को मेले की व्यवस्था में प्रबंधक रोशन गुप्ता, अर्जुन चौधरी, सत्येंद्र सिंह, उमेश सिंह आदि लगे रहे।