Ballia News: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर में घटना की जानकारी के बाद पहुंची घायल लाइन मैन भरत राम की पत्नी सहलतिया, पुत्री सुनीता व अनीता का रो-रोकर बुरा हाल था। बार-बार लाइनमैन की पत्नी यही कह रही थी कि जब काम होता था तो बिजली विभाग के कर्मचारी फोन करके इनको बुलाते थे। हम मना भी करते थे तो यह नहीं मानते थे। उनके कहने पर चले जाते थे।
बलिया के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के नवानगर अस्पताल के समीप ट्रांसफार्मर का फ्यूज जोड़ने के दौरान पूर्व संविदा लाइनमैन गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने जिला अस्पताल भेज दिया। वहीं, बिजली विभाग के कर्मचारी घायल को छोड़कर मौके से भाग निकले।
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मालदा फीडर पर तैनात संविदा कर्मचारी मंटू सिंह ने नवानगर गांव निवासी भरत राम (62) पूर्व लाइनमैन मालदा फीडर के मोबाइल नंबर पर फोन कर नवानगर अस्पताल की छत के ऊपर टूटकर गिरे तार को जोड़ने के लिए कहा। इस दौरान भरत राम ने मंटू से कहा कि शट डाउन मिलेगा तभी हम काम कर पाएंगे।
मंटू सिंह ने कहा कि शट डाउन ले लिया गया है। गौरीशंकर को भेज रहा हूं। उनके साथ मिलकर तार को जोड़ दीजिए। लाइन मैन भरत ने छत पर चढ़कर तार जोड़ दिया। इसके बाद जैसे ही ट्रांसफार्मर पर चढ़कर फ्यूज जोड़ रहा था तभी बिजली आ गई। करंट लगने से भरत बुरी तरीके से झुलस गया।
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इस संबंध में मालदा विद्युत सब स्टेशन पर तैनात जेई सद्दाम अंसारी ने कहा कि वह हमारा कर्मचारी नहीं है। लेकिन जब उनसे बताया गया कि वह संविदा कर्मचारी मंटू सिंह के कहने पर ही गया था। इसके बाद वह आग बबूला हो गए।
वहीं, एसडीओ अजय कुमार ने कहा कि भरत राम पूर्व में मालदा सब स्टेशन के संविदा कर्मचारी रहे हैं। मेरे संज्ञान में इस घटना से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। पूरे मामले की जांच की जाएगी, जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने विभाग के ऊपर लगाया आरोप
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर में घटना की जानकारी के बाद पहुंची घायल लाइन मैन भरत राम की पत्नी सहलतिया, पुत्री सुनीता व अनीता का रो-रोकर बुरा हाल था। बार-बार लाइनमैन की पत्नी यही कह रही थी कि जब काम होता था तो बिजली विभाग के कर्मचारी फोन करके इनको बुलाते थे। हम मना भी करते थे तो यह नहीं मानते थे। उनके कहने पर चले जाते थे। आज जब इनके साथ हादसा हो गया तो बिजली विभाग का कोई कर्मचारी देखने तक नहीं आया। बार-बार कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग कर रही थी।