बलिया। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की संभावित तीसरी लहर व ओमिक्रॉन को लेकर लोग काफी लापरवाह दिख रहे है। न कोई मॉस्क लगा रहा है और न ही कोई सोशल डिस्टेसिंग का पालन ही कर रहा है। इसके अलावा किसी भी कार्यालय या किसी भी दुकान, मॉल शाप, बस व रेलवे स्टेशन पर सैनिटाइजर और न ही थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था ही की गई है। कहीं ऐसा न हो कि यह लापरवाही जनपदवासियों को भारी पड़ जाए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बस व रेलवे स्टेशन के साथ ही अस्पतालों पर कोरोना की जांच की जा रही है।
प्रदेश में बढ़ रहे ओमिक्रॉन की रोकथाम के लिए सरकार ने रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है, बावजूद लोग लापरवाही कर रहे है। हालांकि जनपद में जून 2021 से अभी तक एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला है। वही कोरोना व ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गैर प्रांतों से आने वाले प्रत्येक व्यक्तियों की जांच के लिए रेलवे व बस स्टेशन पर टीम तैनात कर दिया है। इसके अलावा जिला अस्पताल समेत प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन करीब तीन हजार से 3200 लोगों की सैंपलिंग की जा रही है। वर्तमान में करीब 50 टीमें काम कर रही हैं। लेकिन ग्राहक, यात्री आदि की थर्मल स्केनिंग कही भी नहीं की जा रही है। इस बाबत जिला महामारी प्रभारी डा. जियाउल हुदा ने बताया कि अस्पताल, बस व रेलवे स्टेशन पर कोरोना की जांच की जा रही है। जिसमें पूरे जनपद में आरटीपीसीआर से करीब 2200 तथा एंटीजन से करीब एक हजार लोगों की प्रतिदिन जांच हो रही है। इसके अलावा बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने आमजन से अनुरोध किया कि बड़े महानगरों के बाद अब ओमिक्रॉन अन्य जनपदों की ओर फैल रहा है। इसलिए आप कोरोना गाइडलाइन का अक्षरश: पालन करें और अपने को सुरक्षित रखें तथा परिवार को भी सुरक्षित रखें। साथ ही वैक्सीन जरूर लगवाएं।