गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में बिजली-पानी की खपत भी बढ़ने लगी है। मार्च महीने में तीन फीसदी बिजली की खपत बढ़ गई है। वहीं नलकूपों के मोटर भी औसतन रोजाना एक घंटे अधिक चलाने पड़ रहे हैं। इसको देखते हुए बिजली विभाग ने तैयारी भी तेज कर दी है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही तापमान का पारा भी बढ़ने लगा है। मार्च महीने में तापमान का पारा 35 डिग्री को पार कर चुका है। इसके चलते लोगों को पंखे चलाने पड़ रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत बढ़ती जा रही है। खपत बढ़ने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती भी होने लगी है। शासन की ओर से नगरीय क्षेत्र में 24 व ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे आपूर्ति निर्धारित किया गया है लेकिन खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में एक से दो घंटे की कटौती होने लगी है। विद्युत विभाग के अधिकारियों की मानें तो फरवरी माह के सापेक्ष तीन फीसदी बिजली की खपत बढ़ गई है। बताया कि फरवरी में शहर को जहां 33 मेगावाट के स्थान पर अब 33.3 मेगावॉट बिजली की खपत हो रही है। जिले में कुल 120 लाख यूनिट में तीन फीसदी का इजाफा हुआ है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी को देखते हुए नलकूपों के स्थापित ट्रांसफार्मरों की पड़ताल की जा रही है और जहां कोई दिक्कत मिल रही है उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। उधर, जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि मौसम में गर्माहट का असर पानी की खपत पर भी पड़ने लगा है। बीते माह के सापेक्ष अब नलकूपों को एक घंटे अधिक संचालित करना पड़ रहा है।