पति को बचाने गई उसकी पत्नी कलावती(38) और उसकी पुत्री ममता(14) को भी आरोपियों ने पीट-पीटकर कर जख्मी कर दिया। आसपास के लोगों ने सभी घायलों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। यहां देर रात इलाज के दौरान छठ्ठू वर्मा की मौत हो गई।
घटना की सूचना पर मंगलवार की सुबह मौके पर पहुंचे एसओ गड़वार राजीव सिंह ने मौका मुआयना कर घटना की जानकारी ली। इस मामले में मृतक के तीसरे भाई सोहन वर्मा ने चार लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिआ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है।
पहले भी छट्ठू को जान से मारने की दी थी धमकी
मृतक छठ्ठू वर्मा की माता सरस्वती देवी ने बताया कि एक दिन पूर्व छोटे पुत्र की बकरी उसके बड़े पुत्र किशुन वर्मा के खेत में घुस गई थी। इसी को लेकर विवाद हो गया था और तभी से किशुन का परिवार छट्ठू को जान से मारने की धमकी दे रहा था। सोमवार की देर शाम छट्ठू बाजार से घर आ रहा था तो उसे घर के पास ही घेर कर लाठी-डंडे व ईंट से मारपीट कर घायल कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
चार भाइयों में सबसे छोटा था मृतक, पुलिस से की थी शिकायत
मृतक छठ्ठू वर्मा चार भाइयों में सबसे छोटा था। सबसे बड़ा भाई श्रीवर्मा, किशुन वर्मा, सोहन वर्मा और छट्ठू वर्मा सभी का परिवार अलग-अलग रहता है। पुश्तैनी बंटवारे को लेकर भी आए दिन किशुन व छठ्ठू के परिवार के बीच रार होती रही है। घटना के पीछे भी उसी रार को लोग मुख्य कारण मान रहे है।
इधर मृतक के मोहल्ले वालों ने बताया कि धमकी से छठ्ठू काफी डरा हुआ था। हत्या वाले दिन ही दोपहर में अपनी जान माल की हिफाजत के लिए स्थानीय पुलिस चौकी पर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस चुप रही। लोगों की शिकायत रही कि पुलिस मामले को गंभीरता से ली होती और समय से कार्रवाई की होती तो ऐसी घटना नहीं हुई होती।