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खुद ही तोड़ रहे आशियाना, खुले आसमान के नीचे बना ठिकाना

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बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर टांडी में उपजाऊ भूमि को टक्कर मारती सरयू नदी की लहरे। संवाद - फोटो : BALLIA
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बैरिया। सरयू की कटान ने दीयरांचल के गोपालनगर टाड़ी निवासियों की कमर तोड़ रखी है। 25 किसानों के आशियाने नदी में समा चुके हैं। कटान इतनी तेज है कि दहशतजदा 100 परिवार अपना आशियाना अपने ही हाथों से उजाड़ कर पलायन करने को विवश हैं। खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर करने को विवश यह परिवार अपनी कच्ची फसल को मवेशियों को खिला रहे हैं।
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रेवती ब्लॉक के गोपालनगर टाड़ी में लगभग 150 परिवारों के 780 लोग रहते हैं। पिछले पांच वर्षों से सरयू नदी की कटान हो रही थी। नदी की मुख्यधारा गांव की तरफ पहुंच रही थी, तभी ग्रामीणों ने तहसील और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। एक माह पूर्व कटान से कई लोगों के आशियाने सरयू में समा गए थे। बाढ़ का पानी कम होने से कुछ दिनों के लिए कटान रुक गया था। ऊपर से सरयू नदी में फिर पानी छोड़ने से तीन-चार दिनों में सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद एक बार फिर कटान तेज हो गई है। हरीकिशुन यादव, जाटा, बनवारी, अलगू, लक्ष्मण, भरत सहित 25 से अधिक लोगों का आशियाना सरयू नदी में समाहित हो गया। प्रतिदिन दो किमी के दायरे में 50 से 60 मीटर कटान हो रहा है। गांव के अजीत यादव, सुरेन्द्र यादव, गणेश यादव, संजय यादव, झकड़ यादव, रामायण यादव, राजू यादव, सुगा यादव आदि 100 से अधिक परिवार अपना आशियाना खुद अपने हाथों तोड़कर पलायन कर रहे हैं। कुछ लोग रामबालक बाबा के आश्रम स्थित पुरानी रेलवे लाइन पर शरण ले रहे हैं तो कुछ लोग जहां जगह मिला वहीं खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर करने को मजबूर हैं।
फसल मवेशियों को खिलाने को मजबूर
बैरिया। गोपालनगर टाड़ी में सरयू नदी के कहर के कारण किसान खेतों में खड़ी धान की हरी फसल को काटकर मवेशियों को खिलाने के लिए मजबूर है। किसानों का कहना है कि कुछ देर में ही फसल सरयू नदी की कटान की भेंट चढ़ जाने वाली है। ऐसे में मवेशियों को ही खिलाकर सब्र करना पड़ रहा है। गोपालनगर दियारे में दो किमी की दायरे में सिर्फ 10 वर्ष दर्जनों किसानों की 300 बीघा उपजाऊ भूमि खड़ी फसल सहित सरयू नदी में समा चुकी है। जो किसान 10-10 बीघे के काश्तकार थे, आज उनकी सारी भूमि नदी में समाहित हो चुकी है और किसान भूमिहीन हो चुके हैं। कटान से यहां के बाशिंदों में जबरदस्त आक्रोश है। पीडि़तों का कहना है कि इतनी बड़ी त्रासदी झेलने के बाद हाल जानने कोई नहीं आया है।
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क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो को निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। - अभय कुमार सिंह, एसडीएम बैरिया

बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर टांडी में सरयू नदी के कटान के चलते अपने हाथों से अपने घरों को उजाडते ग?- फोटो : BALLIA

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