एसपी ने बताया कि पेट्रोल पंप मैनेजर संजय गोंड लूटकांड की मुख्य साजिशकर्ता था। मैनेजर ने तारकेश्वर यादव निवासी जितौरा थाना बांसडीह, पिंटू मिश्र निवासी केवरा थाना बांसडीह, धनजी बिंद निवासी राजपुर और अवधेश यादव निवासी जितौरा के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी।
नाटकीय ढंग से लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर साढ़े छह लाख रुपये भी बरामद कर लिए गए। आरोपियों के पास से दो तमंचा, पांच कारतूस बरामद हुए हैं। बताया कि पेट्रोल पंप मैनेजर पिछले चार पांच सालों से पंप पर काम कर रहा था। वह कर्ज में डूबा था। इसलिए साजिश के तहत उसने फर्जी लूट की घटना को अंजाम दिया।
गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह, दरोगा रवींद्र नाथ राय, संजय सरोज, रामसजन नागर, अनुप सिंह, वेदप्रकाश दूबे, अतुल सिंह, विजय राय, सर्विलांस टीम के राकेश यादव, मनोज पाल, धर्मेंद्र कुमार, एसओजी टीम के अनिल पटेल, शशिप्रताप सिंह, रोहित यादव, संजय यादव, जयराम वर्मा, दिलीप पटेल, प्रदीप प्रसाद, राहुल यादव, संतोष यादव, संदीप, चंदन राजभर, राजप्रताप सिंह तथा मुकेश यादव शामिल रहे। टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।