बेड नंबर-17 के मरीज चितवड़ागांव निवासी केदार नाथ ने बताया कि अस्पताल कर्मचारियों से मंगलवार से ही शव हटाने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन किसी ने शव को हटाना मुनासिब नहीं समझा।
सीएमएस डॉक्टर बीपी सिंह ने बताया कि शव पड़े होने की सूचना मिलते ही उसे वहां से हटवा दिया गया। ऐसा नहीं है कि किसी चिकित्सक ने उसे हटाने के लिए संबंधित कर्मचारियों से नहीं कहा हो। इसमें कर्मचारियों से लापरवाही हुई है। संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।