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प्रत्येक थानों में स्थापित होगा साइबर हेल्प डेस्क

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बलिया। लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। डीजीपी मुकुल गोयल ने इसके लिए एसपी को निर्देशित किया है। हेल्प डेस्क पर प्रशिक्षित दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। पुलिस पीड़ितों को सही समय पर सही दिशा का बोध कराएगी। साइबर अपराध के बढ़ रहे मामलों पर भी ठोस पहल ही करेगी। पीड़ितों को अब जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। संबंधित थाने पर ही निदान हो जाएगा।
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जनपद के भी प्रत्येक थानों पर साइबर हेल्प डेस्क स्थापित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। एसपी राजकरन नय्यर ने बताया कि प्रत्येक थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किया जाना है। इसे संचालित करने के लिए पुलिसकर्मियों को साइबर सेल के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि थाने पर ही मामलों निस्तारण किया जा सकें। साइबर क्राइम से पीड़ित लोगं को तत्काल 155260 हेल्पलाइन नंबर पर 24 घंटे के अंदर सूचना देनी चाहिए। इसके बाद दिल्ली से लेकर लखनऊ और बलिया तक पूरी टीम सक्रिय हो जाएगी। इस हेल्पलाइन नंबर की कार्रवाई 112 नंबर की तर्ज पर चल रही है। मानिटरिंग दिल्ली से की जा रही है। इसके अलावा वेबसाइट https://www.cybercrime.gov.in पर भी आनलाइन शिकायत कर सकते हैं।
वर्तमान में किसी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर आपके मित्र व परचितों से रुपए मांगने की घटना प्रतिदिन हो रही है। इस प्रकार की फर्जी फेसबुक आईडी को बनाए जाने पर आप स्वयं साइबर सेल द्वारा जारी गाइडलाइन के माध्यम ये अपनी फर्जी आईडी को बंद कर सकते हैं या करा सकते हैं। इसके लिए साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन को जागरूक करने का काम कर रहा है। वर्तमान में जनपद में आधार कार्ड से पैसे निकालने का प्रचलन तेजी से बढ़ा है, जिससे साइबर क्राइम को बढ़ावा मिल रहा है। साइबर सेल ने अनुरोध किया है कि मजबूरी होने पर ही आधार कार्ड से पैसे निकालें।
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साइबर क्राइम में अब 23 स्थानों पर मिलेगी मदद
बलिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में साइबर क्राइम से संबंधित मामलों का निस्तारण करने के लिए साइबर सेल की स्थापना 2013 में की गई थी। इसके अलावा जनपद के किसी भी थाने में साइबर से स्थापित नहीं था। साइबर हेल्प डेस्क स्थापित होने से पुलिस लाइन समेत कुल 23 स्थानों पर लोगों को सुविधा मिलने लगेगी।
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यह है साइबर क्राइम
-सोशल मीडिया के जरिए बिना इजाजत के अश्लील फोटो व मैसेज भेजना।
-दूसरे के खाते से ऑनलाइन शॉपिंग करना।
-पासवर्ड चुराकर पैसा निकालना या दूसरे खाते में स्थानांतरण करना है।
-फर्जी आईडी बनाकर आपके मित्र व शुभचितंकों से रुपया ऐठना है।
------------------------इन बातों का रखें ध्यान..
- साइबर क्राइम की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 155260/112 दें।
- खाते में केवाईसी अपडेट कराने के लिए बैंकों द्वारा कभी भी किसी से व्यक्तिगत जानकारी जैसे-ओटीपी, सीवीवी, पिन नंबर नहीं मांगी जाती है।
- किसी के कहने से कोई भी एप डाउनलोड न करें।
- किसी भी वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले अच्छी तरह जांच लें।
- ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों व सरकारी विभाग के कस्टमर केयर का नंबर आधिकारिक वेबसाइट से की प्राप्त करें।
- अज्ञात व्यक्ति व अज्ञात मोबाइल नंबर द्वारा भेजे गए लिंक को क्लिक न करें।
- सरकारी उपक्रम, वेबसाइट या फंड की आधिकारिक वेबसाइट से ही वित्तीय लेनदेन करें।
- किसी से पैसा प्राप्त करते समय अपनी यूपी आईआईडी पासवर्ड न डालें।
- वॉलेट अपडेट और केवाईसी नजदीकी आथराइज्ड सेंटर पर जाकर ही कराएं।
- अपने सोशल अकाउंट व बैंक खातों का पासवर्ड स्ट्रांग बनाएं।
- एटीएम मशीन में पैसा निकालते वक्त सावधानी बरतें।
- किसी अनजान व्यक्ति को एटीएम कार्ड या 16 डिजिट का नंबर व पासवर्ड न दें।
- फेसबुक या व्हाट्सएप पर जिसे नहीं जानते हैं उन्हें ऐड न करें, अगर भूल से एड कर लिया तो पर्सनल या पारिवारिक फोटो या मैसेज साझा न करें।
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