इसके बाद मीडिया को सरकारी उपलब्धियों के बारे में बताया। कहा कि प्रदेश के गंगा और अन्य नदियों के तटवर्ती क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं। पूरे प्रदेश में 24 जनपद के 600 से अधिक आबादी वाले गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां राज्य सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य चल रहा है। मैं स्वयं भ्रमण कर इसका जायजा ले रहा हूं।
बृहस्पतिवार को इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, वाराणसी और शुक्रवार को गाजीपुर तथा बलिया का जमीनी और वायु सर्वेक्षण किया। राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। वाराणसी में मिर्जापुर, भदोही, चंदौली जनपद की समीक्षा की।
बलिया में गंगा, टोंस और सरयू नदी के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। बाढ़ से कुल 112 राजस्व गांव प्रभावित हैं। इसमें 34 गांव की सवा लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बचाव कार्य चल रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफस, पीएससी के गाताखोरों के साथ लोकल नाविकों को लगाया गया। पीएम गरीब कल्याण अन्न ययोजना और नियमित खाद्यान्न योजना के तहत राशन दिया गया है।
सीएम योगी ने कहा कि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मात्रा में जनप्रतिनधियों के माध्यम से भी खाद्यान्न दिया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि प्रकाश के लिए केरोसिन भी दें। जहां केरोसिन नहीं पहुंच पा रही है वहां पेट्रोमैक्स और जनरेटर से सावधानी बरतते हुए प्रकाश की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को सुरक्षा की दृद्धि से राहत शीविरों में रखने और पैक्ड फूड पैकेट देने को कहा गया है। बाढ़ और इसके बाद होने वाले संक्रामक रोगों से बचाव के लिए पुख्ता व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। शुद्ध पेयजल की अच्छ व्यवस्था करने के निर्देश हैं।
छोटी और मझोली नाव नदीं की धारा में न आ पाएं इसके लिए खास निर्देश दिए गए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के स्टीमर और बड़ी नाव से ही सवारी ले जाने को कहा गया है। ताकि हादसों से बचा जाए। राहत शिविरों में सुरक्षा का माहौल दें महिला सुरक्षाकर्मी की तैनाती करें।
चारा, टीका की व्यवस्था हो। सिंचाई विभाग को कटान रोकने और जनधन की हानि रोकने के लिए निर्देशित किया है। जनप्रतिनिधि के माध्यम से राहत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। आगे के लिए प्रशासन को सचेत रहकर करना होगा। हर गांव में नोडल अधिकारी की व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिया में कोरोना पर बेहरत तरीके से नियंत्रण किया गया है। ये अब शून्य हो चुका है। |क्सीजन में आत्मनिर्भरता के प्रयास सराहनीय है। कोरोना की तीसरी लहर से निबटने के लिए पीकू वार्ड आदि तैयार करने का कार्य युद्ध स्तर पर हो रहा है। उपकरण और इक्युपमेंट जल्द आ जाएंगे।