राशन वितरण और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने करीब छह मिनट तक संवाद किया। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों के हित के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयासों से अवगत कराते हुए तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी। सीएम योगी ने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से छोड़े गए अतिरिक्त पानी की वजह से प्रदेश में बाढ़ आई है। जिसकी वजह से यूपी के 24 जिलों में 620 गांव प्रभावित हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद की जा रही है। जिला प्रशासन को राहत सामग्री वितरित करने के निर्देश दिए गए है। जहा संभावित कटान की आशंका है वहां धन की कोई कमी नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधियों एवं पुलिस विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर बिना भेदभाव के उनके समस्याओं का गंभीरतापूर्वक निस्तारण करें।
कहा की गाजीपुर जनपद के 32 राजस्व गांव की डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावित गांवों के लिए नाव की जहां व्यवस्था की गई है। वहीं एनडीआरफ की टीम लगी हुई है। पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि रात से गंगा पानी स्थिर है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों में होने वाले कटान को लेकर विशेष सर्तकता बरतने की आवश्यकता है।
साथ ही बाढ़ राहत शिविरों में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस की टीम तैनात करने का निर्देश दिया गया है। लगभग दस मिनट के अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ को लेकर चल रहे कार्यों के बारे में जानकारी देने के बाद रवाना हो गए।