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बूस्टर डोज की ओटीपी के नाम पर खंगाल रहे खाता

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बलिया। जालसाजी करके बैंक खातों से रकम उड़ाने वालों ने नया पैंतरा इस्तेमाल शुरू कर दिया है। वह अब बूस्टर डोज की बुकिंग करने के बहाने चूना लगाने लगे हैं। लोगों की मोबाइल पर लिंक या ओटीपी भेजकर बूस्टर डोज की बुकिंग करने को कहते हैं मगर ओटीपी बताते ही खाते से रकम खंगाल लेते हैं। जिले में भी इस तरीके मामले सामने आने लगे हैं। पुलिस ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी किया है।
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एएसपी विजय त्रिपाठी ने बताया कि इस तरह से फर्जी कॉल और मैसेज से लोगों को सावधान रहना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को फोन पर ओटीपी नहीं बतानी चाहिए। कोविड से बचाव के लिए बूस्टर डोज केवल स्वास्थ्य केंद्रों पर ही लगाई जा रही है। इसके अलावा फोन पर पंजीकरण करने बात और ओटीपी भेजने की बात भ्रमक और जालसाजों का नया पैतरा है। इससे लोगों को सावधान और सर्तक रहने की जरुररत है। कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने लगा है। केंद्र और राज्य सरकार लोगों से अपील कर रही है कि जो लोग अब तक कोरोना वैक्सीन नहीं लगा पाए हैं, वह जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं। अब सरकार ने 15 से 18 साल तक के किशोर का टीकाकरण भी शुरू कर दिया है। कई राज्य में सरकार लोगों को कोविड वैक्सीन का बूस्टर डोज लगवाने के लिए कह रही है। इसके साथ ही साइबर ठग लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब ठगों ने बूस्टर डोज लगवाने के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। कोरोना वैक्सीन का बूस्टर डोज लगवाने के लिए साइबर ठग आम लोगों को फोन करते हैं। साइबर ठग अब बूस्टर डोज लगवाने के नाम पर व्यक्ति से रजिस्ट्रेशन कराने को कहते हैं। वह फोन करके लोगों का खुद ही रजिस्ट्रेशन कर देने के बहाने उनके आधार, पैन आदि की जानकारी लेकर मोबाइल पर आने वाले ओटीपी नंबर पूछ लेते हैं और उसी के जरिए उनके खाते खाली कर देते हैं।
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट
साइबर एक्सपर्ट रजनीकांत सिंह का कहना है कि साइबर अपराधी बहुत शातिराने तरीके से इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं। ऐसे में लोगों का जागरूक होना जरूरी है। हम लगातार लोगों को जागरूक करते हैं कि वह किसी को भी वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) न बताएं। इसके बावजूद भी लोग ओटीपी बता देते है। अभी लोगों को ओर जागरूक करने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस वैक्सीन की बूस्ट डोज लगवाने के लिए विभाग की ओर से किसी को कोई फोन नहीं किया जाता है। लाभार्थी के फोन नंबर पर मैसेज भेजा जाता है, जिसके आधार पर लाभार्थी को वैक्सीन लगाई जाती है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी कभी भी किसी से बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी की जानकारी नहीं मांगते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहना चाहिए और अपनी ये जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
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