मणि मंजरी राय (फाइल फोटो)।
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लिपिक विनोद सिंह ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ली थी। अवधि समाप्त होने के बाद अग्रिम जमानत के लिए उसने दोबारा अर्जी दाखिल की। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। वहीं चेयरमैन भीम गुप्ता की अर्जी पर सुनाई के दौरान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति डीके सिंह ने व्यक्तिगत मुचलके पर सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।
इसी मामले में करीब चार माह से जिला कारागार में बंद कंप्यूटर ऑपरेटर अखिलेश कुमार व चालक चंदन कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। हाईकोर्ट के सिंगल बेंच के न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की अदालत ने मामले में 19 फरवरी को दोनों तरफ के अधिवक्ताओं की बहस पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख दिया था। मंगलवार को कोर्ट ने जमानत की अर्जी खारिज होने का आदेश सुनाया।