भीमपुरा चौराहे पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा। संवाद
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शहर के साथ ही ग्रामीण ग्रामीण अंचलों में सप्तमी के दिन मंगलवार को चट्टी-चौराहों पर बनाए गए पंडालों में वैदिक मंत्रों के बीच मां दुर्गा के पट खोल दिए गए। माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लग गई। कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने माता के अलौकिक स्वरूप के दर्शन किए। देवी गीतों से नगर और गांव गुलजार हो गए हैं। पंडालों की छटां देखते बन रही हैं। कहीं कहीं पर शासन की गाइड लाइन का पालन किया गया है तो कहीं उसका उल्लंघन भी हुआ है।
शारदीय नवरात्र शुरू होते ही पंडाल बनाने वाले समिति के लोग पंडाल की भव्यता देने में लगे हुए थे। जिले के 22 थाना अंतर्गत कुल 636 स्थानों पर मां दुर्गा पूजा होती है। इसमें 16 मूर्तियां स्थायी हैं। शहर कोतवाली क्षेत्र में 30 स्थानों पर प्रतिमा स्थापित की जाती है। कुछ स्थानों पर बरसात व नाले का पानी लगने के कारण पंडाल नहीं बने हैं। पूजा समितियों की मेहनत का रंग मंगलवार शाम को श्रद्धालुओं के सामने आ गया। सप्तमी की शाम को मां दुर्गा की प्रमिओं के पट पूजा-अर्चना के साथ खोल दिए गए। पट खुलने के साथ ही माता के अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। बंगाली समाज के अलावा शेष समितियों का पट सप्तमी तिथि को खुल गए। भीमपुरा के ग्रामीण अंचलों में चट्टी-चौराहों पर वैदिक मंत्रों के बीच मां दुर्गा के पट खोल दिए गए। देवी पचरा और गीत की धूम रही। क्षेत्र के इब्राहिमपट्टी, भीमपुरा, उधरन, बरौली, किरिहरापुर, जजौली आदि स्थानों के पंडाल बनाए गए हैं। झांकिया आकर्षक का केन्द्र बिन्दु बनी हैं। रसड़ा में भी वैदिक मंत्रों के बीच मां दुर्गा के पट खुलते ही पूजा अर्चना शुरू हो गई। स्टेशन रोड, हॉस्पिटल रोड, शिवम गली, छितौनी, अंजनी का चबूतरा, पानी टंकी रोड, मेरुराय का पूरा, पुरानी संगत, बजाजी मुहल्ला, बासुदेव बाबा का मुहल्ला आदि में पंडाल बनाए गए हैं। लालगंज में दोकटी पुलिस सक्रिय हो गई है। थानाध्यक्ष मनोज सिंह ने कहा कि कोविड को ध्यान में रखते हुए ज्यादा भीड़ न लगाएं। सब्जी विक्रेताओं से शाम के समय सब्जी की दुकान हटाने को कहा। कमेटी के अधिक से अधिक पांच लोग ही प्रतिमा के आसपास रहे। चक्रमण के दौरान कुछ युवकों से पूछताछ भी की।