इस दौरान स्टेशन पर बवाल शुरू कर दिया और पत्थरबाजी करने के साथ ही तोड़फोड़ शुरू कर दी। रेलवे स्टेशन स्थित दो दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया तो रेलवे लाइन पर खाली खड़ी ट्रेन की एक बोगी में आग लगा दी। आग की सूचना के बाद मौके पर फायर बिग्रेड को बुला लिया गया। युवा जगह-जगह पत्थरबाजी करते रहे। पुलिस पुलिस युवाओं को दौड़ाकर तितर-बितर करती रही।
अग्निपथ योजना को लेकर बलिया में भारी विरोध
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एसपी राजकरण नैयर ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के एक अन्य समूह ने रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क पर लाठी-डंडों के साथ पुलिस से बहस की और रेलवे स्टेशन स्थित दुकानों और बेंचों को तोड़ना शुरू कर दिया। युवाओं को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। एसपी ने बताया कि कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। आज के वीडियो के आधार पर उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है।
सेना भर्ती की तैयारी कर रहे मऊ के युवाओं ने सुबह करीब 10 बजे नेशनल हाईवे अमिला-थानीदास मार्ग को जाम कर दिया। लगभग एक घंटे बाद मामले की जानकारी होने पर उपजिलाधिकारी घोसी, सीओ सहित आला अधिकारियों ने चक्कजाम हटाने को कहा। प्रदर्शनकारी मान नहीं रहे थे।
अधिकारियों के समझाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। मामला शांत हो जाने के बाद कुछ प्रदर्शनकारी थानीदास से लगभग 300 मीटर दूर रामजानकी मंदिर के समीप झाड़ियों में छिप गए। इसी बीच गोरखपुर की तरफ से मऊ आ रही काशी डिपो की बस पर पथराव कर दिया। इससे बस का शीशा टूटने के साथ ही एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठी भांज कर युवाओं को खदेड़ा।
रेलवे पुलिस के जवानों ने ट्रेन बोगी में लगाई गई आग के दौरान कड़ी मेहनत व सूझबूझ का परिचय देते हुए आग को और भयावह होने से बचा लिया। अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे युवकों ने रेलवे के वाशिंगपिट पर खड़ी ट्रेन की एक बोगी में जब आग लगाई उस समय ट्रेन की पांच बोगियां आपस में जुड़ी थीं।
रेलवे पुलिस के जवान पाइप औj बाल्टी के पानी मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे थे। आग बढ़ती लपटों से अन्य बोगियों के जलने की आशंका हो रही थी तभी पुलिस ने रेलवे के अन्य कर्मचारियों की मदद से धक्का देकर पहले तीन बोगियों को एक साथ अलग किया। फिर एक बोगी में दमकल की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया। तब तक ट्रेन की एक बोगी पूरी तरह जल चुकी थी।
अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार तड़के शहर में हुए उग्र विरोध प्रदर्शन का असर ट्रेनों पर भी पड़ा है। सुबह 8.50 बजे रवाना होने वाली सियालदह-बलिया एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया। वहीं सुबह 5.55 बजे जाने वाली बलिया-वाराणसी सिटी मेमू, सुबह 9.45 बजे बलिया से औड़िहार जाने वाली पैसेंजर, वाराणसी सिटी से चलकर सुबह 8.18 बजे बलिया आने वाली स्पेशल ट्रेन ट्रेन को रद कर दिया गया। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन पर हो रहे उग्र प्रदर्शन को देखते हुए कई एक्सप्रेस ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर घंटो रोक कर रखा गया।
शुक्रवार सुबह जिस समय रेलवे स्टेशन पर उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ उस समय सियालदह एक्सप्रेस और वाराणसी सिटी मेमू ट्रेन के यात्री स्टेशन पर मौजूद थे। युवाओं की तोड़फोड़़ को देखकर किसी तरीके से भाग कर अपनी जान बचाई। प्रदर्शन के कारण दुर्ग जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस छह घंटे तक छपरा स्टेशन से खुली ही नहीं।
दिल्ली जाने वाली सदभावना एक्सप्रेस भी लगभग हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही और आठ घंटे लेट से बलिया स्टेशन पहुंची। अप ताप्ती गंगा एक्सप्रेस भी पांच घंटे लेट से बलिया रेलवे स्टेशन पहुंची। डाउन गोंदिया एक्सप्रेस भी 14 घंटे लेट से बलिया रेलवे स्टेशन पहुंची।