बलिया। कोरोना काल के कारण लगातार दो साल तक रमजान में मस्जिदों में जाकर तरावीह पढ़ने पर रोक रही। सिर्फ पांच लोगों को ही मस्जिदों में जाने की इजाजत होती थी। दो साल बाद इस बार रमजान पर कोरोना का प्रकोप नहीं होगा। मस्जिदों में एक बार फिर नमाजियों की भीड़ उमड़ेगी। चांद यदि दो अप्रैल को दिखा तो तीन अप्रैल से नहीं तो चार अप्रैल से रमजान शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। मुस्लिम समुदाय की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। मस्जिदों को सजाने का काम भी जारी है। इस बार सुन्नी समुदाय में रमजान का सबसे लंबा रोजा 14.40 घंटे का होगा।
चार अप्रैल को पहला रोजा होने की उम्मीद है। रमजान का चांद दिखते हैं मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरु हो जाएगी। पहला रोजा 13.52 घंटे का होगा। इसके बाद रोजे का समय धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा। कोरोना काल के तकरीबन दो साल बाद मस्जिदों में नमाजियों की वैसी भीड़ होगी जो कोरोना कल से पहले होती थी। प्रतिबंध खत्म होने की वजह से मस्जिदों में नमाजियों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी। तरावीह की नमाज की भी अनुमति होगी। घरों में बी लोगों ने रमजान की तैयारियां शुरू कर दी है।