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सजने लगे देवी दरबार, अबकी आएंगे भक्त अपार

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वासंतिक नवरात्र के मद्देनजर देवी मंदिरों में साफ-सफाई एवं रंग-रोगन का कार्य तेजी से चल रहा है। मंदिरों को प्राकृतिक व अप्राकृतिक फूलों से साज-सज्जा कमेटी के सदस्यों द्वारा की जा रही है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन के लिए मंदिर के दरवाजे चार बजे भोर से ही खोल दिए जाएंगे। इस वर्ष मां के भक्त नारियल, चुनरी, फल-फूल आदि चढ़ा पाएंगे।
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बता दें कि वासंतिक नवरात्र दो अप्रैल से आरम्भ हो रहा है। जिले के 13 प्रमुख मंदिरों में शारदीय नवरात्र व बासंतिक नवरात्र में मां के भक्तों की भीड़ अधिक लगती है। जिसमें शहर कोतवाली के दुर्गा मंदिर गुदरी बाजार व जापलिनगंज, नरहीं थाने के मंगला भवानी, सुखपुरा के ब्राह्मणी मंदिर, बांसडीहरोड के शांकरी भवानी, रसड़ा के काली मंदिर, नीबू कबीरपुर व चंडी देवी मंदिर, सिकंदरपुर के जल्पा-कल्पा मंदिर, मनियर के बुढ़ऊ बाबा मंदिर व नवका बाबा मंदिर, रेवती के पचरूखा देवी गायघाट मंदिर है। उधर, मंदिर के आसपास नारियल, चुनरी, प्रसाद व खेल-खिलौने सहित चाट पकौड़े की दुकानें सज रही है।
- मां का दरबार प्रात: चार बजे से लेकर रात्रि आठ बजे तक खुला रहेगा। मां के दर्शन के दौरान भक्तगण नारियल, चुनरी, प्रसाद आदि चढ़ा सकेंगे। जबकि गर्भ गृह में पूर्व की भांति प्रवेश वर्जित रहेगा।
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पुजारी सच्चितानंद तिवारी, मां ब्राह्मणी देवी मंदिर ब्रह्माइन, सुखपुरा
- मां भवानी का दरबार चार बजे भोर से लेकर रात्रि आठ बजे तक खुला रहेगा। मां के भक्तगण गर्भ गृह के चैनल तक आकर पूजा कर सकते हैं। इस बार के मां के भक्त कतारवद्घ होकर मां का दर्शन पूजन कर सकेंगे।
पुजारी बिजेंद्र पांडेय, शांकरी भवानी मंदिर, शंकरपुर
- माता रानी का दरबार प्रात: पांच बजे से लेकर शाम सात बजे तक खुला रहेगा। इस दौरान मां के भक्त पूजन अर्चन कर सकेंगे।
पुजारी आशीष पांडेय, कपिलेश्वरी भवानी मंदिर, कपूरी
चैत्र रामनवमी के मेला की तैयारी जोरों पर
बेल्थरारोड। बासंतिक नवरात्र पर सोनाडीह स्थित भागेश्वरी परमेश्वरी मंदिर प्रांगण में चैत्र रामनवमी से शुरू होने वाले ऐतिहासिक मेले की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। कोरोना संक्रमण काल के दौरान दो वर्षों तक स्थगित रहने के बाद इस साल मेले को लेकर लोगों में उत्साह है। खासतौर पर मेला प्रबंधन भी मेले को भव्य और आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए जुट गया है। मेला प्रबंधक अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। पत्र में मेलार्थियों की सुरक्षा के लिए अस्थाई पुलिस चौकी बनाने तथा पुरुष व महिला आरक्षियों की तैनाती करने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि तीन जिलों की सीमा पर स्थित होने के चलते मेले में भारी भीड़ होती है। करीब एक पखवारे तक चलने वाले मेले में आसपास के जिलों के अलावा गैर प्रांतों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु कई कई दिनों तक रुक कर मंदिर में पूजन अर्चन के पश्चात मेले का लुफ्त उठाते हैं। प्रबंधक ने बताया कि मेलार्थियों की सुविधा के लिए अनेक इंतजाम किए गए हैं।
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