बलिया। अनियोजित विकास का दंश कैसा होता है, शहर की कालोनियों का मौजूदा हालात इसे बखूबी बयां कर रहा है। अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने और शहरी माहौल के लिए नागरिकों ने गांव छोड़कर कालोनियों में भूमि खरीद अपना आशियाना बनाया। अब यहां घुटने भर या उससे भी ज्यादा पानी में चलकर या नाव के सहारे घर जाना उनके लिए मजबूरी बन गई है।
दो-तीन दिन की बारिश ने शहर की कई प्रमुख कालोनियों में जीवन को नारकीय बना रखा है। बारिश को बंद हुए दो दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। इसके बाद इन कालोनियों में कहीं नाव तो कहीं जुगाड़ की नाव का संचालन हो रहा है। नागरिकों ने इन कालोनियों में लाखों की लागत से अपना आशियाना खड़ा किया लेकिन अनियोजित विकास ने इनके जीवन को नारकीय बना रखा है। इन कालोनियों में न तो जलनिकासी की सही व्यवस्था है और न ही रास्तों की। तीखमपुर शिव विहार कालोनी, मंडी कालोनी, टैगोर नगर, श्रीराम बिहार कालोनी, विवेकानंद कालोनी, कल्पना कालोनी, केशवपुरम, छाया कालोनी, रामदहिनपुरम, मिड्ढी, आवास-विकास, काजीपुरा, जापलिनगंज, अमजतपाली, एससी कालेज के आसपास जलभराव से बुरा हाल है। इनमें कई कालोनियों में जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है। नगरपालिका आज तक इसका समाधान नहीं कर पाई है।
पानी निकालने के लिए पंपिंग सेटों का सहारा
बलिया। तीन दिनों की बारिश का पानी न सिर्फ कालोनियों में बल्कि कई सरकारी कार्यालयों में भरा हुआ है। इसके निकालने के लिए कहीं नगरपालिका की ओर से तो कहीं संबंधित विभाग की ओर से पंपिंग सेट लगाए गए हैं। पानी को निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक राहत नहीं मिल रही है। कलेक्ट्रेट परिसर से लगायत, कलेक्ट्रेट कालोनी, जिला कारागार, एसपी कार्यालय, शहर कोतवाली, पुलिस लाइन, फायर ब्रिगेड, कृषि विभाग, वेयर हाउस, मंडी आदि में पंप सेटों को लगाकर पानी निकाला जा रहा है। बलिया-बांसडीह मार्ग पर भी घुटनों भर पानी लगा है। लोग जुगाड़ की नाव का सहारा ले रहे हैं। परेड ग्राउंड ने तालाब का रूप ले लिया है। बच्चे इसमें मस्तियां कर रहे हैं। वेयर हाउस से तो शकिंग मशीन से पानी निकाल कर कहीं और लेकर जाकर गिराया जा रहा है। जलभराव के कारण तिखमपुर में पेट्रोल पंप बंद पड़ा है। मालिक का कहना है कि एक घंटे में पंप से जितना पानी निकालते हैं उतना भर जाता है।
जल निकासी के लिए कई संस्थानों पर पंपिंग सेटों की व्यवस्था की गई है। कोशिश की जा रही है कि जल्द पानी निकाल लिया जाए। - दिनेश विश्वकर्मा, ईओ बलिया
तिखमपुर स्थित आवासीय कालोनी से डोंगी के आवागमन करते मोहल्लेवासी। संवाद- फोटो : BALLIA