रामगढ़। जलस्तर में पिछले पांच दिनों से हो रहे घटाव के बाद गंगा भले ही अपने पेटे में चली गई हों, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों में कटान का खतरा बना हुआ है। शुक्रवार को गोपालपुर गांव में एक मकान गंगा की जलधारा में समा गया। इससे अन्य गांव के लोग भी भयभीत हैं। गोपालपुर पंचायत के उदयीछपरा, दूबेछपरा, गोपालपुर में गंगा की लहरें पिछले कई दिनों से कटान कर रही हैं। शुक्रवार को कन्हई ब्रह्म बाबा के स्थान के साथ ही बस्ती के दक्षिण टोला में कटान शुरू हो गई और गोपालपुर निवासी कुंदन राम का पक्का मकान नदी में विलीन हो गया। इसके साथ ही ब्रह्म बाबा स्थान के पास की जमीन भी कट गई है। अचानक शुरू हुए कटान के बाद एक बार फिर गांव में अफरातफरी का माहौल है। उधर, विभाग की ओर से विलीन होते गांव को बचाने का कोई प्रयास नहीं हो रहा है।
बाढ़ पीडि़तों में राहत सामग्री का किया वितरण
रामगढ़। रेड क्रास सोसाइटी के चेयरमैन संजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में शुक्रवार को दूबे छपरा पहुंचे सदस्यों ने पटरी पर शरण लिए बाढ़ पीडि़तों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। राहत सामग्री में मॉस्क, साबुन, ब्रेड, लाई, मोमबत्ती, माचिस, बिस्कुट, नामक आदि था। बताया कि आपदा की इस घड़ी में सोसाइटी के सदस्य पीडि़त परिवारों के साथ खड़े हैं। इस दौरान शैलेंद्र पांडेय, पंकज ओझा, विनय कुमार श्रीवास्तव, रविशंकर तिवारी, जितेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, विजय कुमार शर्मा आदि रहे।
सरयू में घटाव जारी लेकिन अभी भी खतरा निशान से बह रही ऊपर
बेल्थरारोड। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार घटाव-बढ़ाव का सिलसिला जारी है। नदी का पानी खतरे के निशान से आधा मीटर ऊपर बह रहा है। पिछले कई दिनों से जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी है। लाल निशान से ऊपर बहने वाली नदी के तेवर तल्ख हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की शाम जलस्तर 64.50 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.01 मीटर से 49 सेंटीमीटर अधिक है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में घटाव होने का पूर्वानुमान किया है। नदी का पानी दोपहर तक बढ़ाव पर था। उसके बाद कमी का सिलसिला शुरू हो गया, जो शाम तक जारी रहा। जलस्तर में वृद्धि से हाहानाला से टगुनिया तक कई किलोमीटर विस्तृत भूभाग में नदी का पानी फैल गया है। चैनपुर गुलौरा के पास टीएस बंधा तक पानी पहुंच गया है। हाहानाला, तुर्तीपार और हल्दीरामपुर रेगुलेटर पर पानी का दबाव बढ़ गया है। तुर्तीपार के दलित बस्ती और मल्लाह बस्ती में पानी पहुंच गया है। उधर, कोईली मोहान ताल में उफान है। ताल का पानी आसपास के दर्जनों ग्रामों में फैल गया है। ताल के पानी से तटवर्ती ग्रामों के धान, अरहर, सब्जी आदि फसल डूबकर बर्बादी के कगार पर है। जलस्तर में घटाव से बाढ़ की संभावना फिलहाल कम हो गई है, लेकिन नदी के मिजाज में अप्रत्याशित परिवर्तन को लेकर तटवर्ती बाशिंदे सहम गए हैं।