आईजी डॉ. राकेश सिंह व एसपी सुजाता सिंह ने बताया कि ननकू पुत्र मुबारक अली अपने गांव से महाराष्ट्र कमाने गया था। महाराष्ट्र के जिला थाणे के दिवा में एक इडली डोसा की दुकान में काम करता था। जहां पर ननकू की मुलाकात मैरी से हुई। जो अपने पति से अलग रहती थी। वह भी दुकान में काम कर रही थी। दुकान पर काम करने के दौरान ननकू व मैरी की दोस्ती हुई और प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया। लगभग चार महीने पहले ननकू के कहने पर मैरी ने अपना मकान बेच कर रुपये ननकू को दे दिए। मैरी लगातार ननकू के ऊपर शादी करने का दबाव बनाती थी। ननकू के गांव घूमने चलने व शादी का दबाव डालने पर ननकू परेशान हो गया। ननकू पहले से ही शादी शुदा था। ननकू मैरी से पीछा छुड़ाकर रुपये को हड़पना चाह रहा था। मैरी से छुटकारा पाने के लिए ननकू ने अपने ही गांव के रहने वाले सलमान खान व दानिश खान के साथ मिलकर मैरी और उसके बच्चों को मार डालने की साजिश रच डाली। नौ सितंबर को ट्रेन के माध्यम से मुंबई से चले और 10 सितंबर को बहराइच आए। उसके बाद तीनों ने मिलकर अलग-अलग स्थानों पर तीनों बच्चों व मां का गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया। उसी रात वापस लखनऊ पहुंचे और ट्रेन से मुंबई चले गए।
एसओजी व सर्विलांस टीम ने निभाई अहम भूमिका
दो दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने में एसओजी व सर्विलांस की टीम ने अहम रोल निभाया। एसओजी प्रभारी मुकेश सिंह अपनी टीम के सुनील यादव, रवि प्रताप यादव, नितिन अवस्थी व साइबर सेल व सर्विलांस सेल के प्रभारी निखिल कुमार श्रीवास्तव अपनी टीम के चंद्र मोहन सिंह, करुणेश शुक्ला, रचित यादवेंद्र के साथ मिलकर पूरी घटना का खुलाला किया। जिसमें नानपारा कोतवाल संजय सिंह, एसपी पीआरओ सौरभ सिंह का भी सराहनीय योगदान रहा।
हौंसला आफजाई के लिए शासन ने किया पुरस्कृत
टीम ने कड़ी मशक्त के बाद सात दिन के अंदर दो दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया है। घटना का अनावरण करने वाली टीम को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा एक लाख रुपये, आईजी द्वारा 50 हजार रुपये व एसपी सुजाता सिंह द्वारा 25 हजार रुपये के पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। -डॉ. राकेश सिंह, आईजी, देवीपाटन मंडल, गोंडा