बहराइच। गजाधरपुर गांव में हुई मासूम दो बच्चों की हत्या की घटना को हत्यारों ने बड़े ही सूझबूझ के साथ अंजाम दिया था। पुलिस व ग्रामीणों के मुताबिक दिनभर हत्यारे बच्चों को अपने साथ लेकर गांव में घूमते रहे। वारदात को अंजाम देने के लिए जगह को चिन्ह्ति करने के लिए धान के खेत के पास लगे आम के पेड़ के नीचे आराम करने के बहाने पूरी रेकी की। उसके बाद रात में ही धान के खेत में बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी। धान के खेत में बच्चों के शव दिखाई पड़ने के कारण छिपाने के लिए बगल में ही गन्ने के खेत में शव को फेंक कर हत्यारे फरार हो गए। दोहरे हत्याकांड ने पुलिस को चुनौती दी है तो गांव के ग्रामीणों की चैन की नींद उड़ा दी है। फिलहाल पुलिस के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती शव को शिनाख्त करना है। उसके बाद आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी।
फखरपुर थाना क्षेत्र के बसंतपुर-गजाधरपुर मार्ग पर शनिवार की सुबह गन्ने के खेत में दो मासूम बच्चों के शव मिले। दोनों की गला रेतकर हत्या की गई थी। दोहरे हत्याकांड ने पुलिस के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी तो उनके गश्त पर भी सवाल उठने लगे। अनसुलझी पहेली बना दोहरा हत्याकांड को सुलझाने के लिए पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। भले ही 24 घंटे बीत जाने के बाद कोई सुराग हाथ न लगा हो। पुलिस के मुताबिक ग्रामीणों ने पूछताछ में बताया कि शनिवार को दोपहर में दो बच्चों के साथ दो बडे युवक घूम रहे थे। दोनों युवकों के पास दो काले बड़े बैग भी थे। वह पहले तो धूप से बचने के लिए घटना स्थल के पास लगे आम के पेड़ के नीचे बैठकर आराम फरमाए। उसके कुछ ही घंटों बाद वह बसंतपुर-गजाधरपुर मार्ग पर स्थित पुलिया पर बैठे रहे।
ग्रामीणों को लगा कि तेज धूप है तो पेड़ के नीचे आराम कर रहे होंगे और जब पुलिया पर बैठे रहे तो लगा कि किसी के आने का इंतजार कर रहे होंगे। किसी को इस बात की भनक तक न लगी कि रात में ही इतना बड़ा वारदात होने वाला है। पुलिस अपनी जांच में प्रथम दृष्टया यह मानकर चल रही है कि अगर ग्रामीणों की बताई बात सही है तो पहले हत्यारों ने दिन में रेकी की और रात में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। घटना कुछ भी हो, लेकिन पुलिस को चुनौती देने वाली है। घटना का खुलासा करने के लिए एसओजी समेत चार टीमें लगी हुई है, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। शव की शिनाख्त के लिए बच्चों का शव पोस्टमार्टम में रखा हुआ है। घटना के बाद लगातार अधिकारियों का दौरा गांव व घटना स्थल पर हो रहा है। जिससे गांव के ग्रामीण नींद उड़ी ह तो घटना के बाद सहमे भी है। (संवाद)
शिनाख्त कराना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
घटना का खुलासा करने में पुलिस माहिर मानी जाती है, लेकिन वह तब जब सबकुछ पता यानी शिनाख्त हो। जब घटना में मृतक का शिनाख्त नहीं होता है तो पुलिस के लिए खुलासा करना तो दूर शिनाख्त कराना ही बड़ी चुनौती होती है। पुलिस ने चुनौती को स्वीकार करके काम तो शुरू किया है, लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगे है।
शिनाख्त के लिए पोस्टर को किया जा रहा चस्पा
दोनों मासूम बच्चों की शिनाख्त के लिए पोस्टर बनाकर चस्पा करवाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डाली जा रही है। ग्रामीणों द्वारा मिली जानकारी को भी ब्रिदु मानकर जांच की जा रही है। पूछताछ में ग्रामीणों ले दिन में दो लोगों के साथ बच्चों को देखना बताया है। उनके पास दो बड़े बैग भी थे। धान के खेत में वारदात को अंजाम देकर गन्ना के खेत में शव को फेंका गया था। धान के खेत में खून मिले थे। जांच चल रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा। -कमलेश सिंह, कैसरगंज सीओ बहराइच