बहराइच। खरीफ मौसम की मुख्य फसल धान की सरकारी दाम पर खरीद के लिए जिले में विभिन्न विभागों के 98 सेंटर बनाए गए हैं, लेकिन धान खरीद की रफ्तार सुस्त है। आलम यह है कि जिले के दो सेंटरों पर अभी तक बोहनी नहीं हुई है। जहां एक ओर किसान धान तौल के लिए नंबर में देरी की बात कह रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर खाद्य विपणन विभाग की ओर से बेमौसम बारिश व गेहूं की बोआई के चलते क्रय केंद्रों तक किसानों के न पहुंचने की बात कही जा रही है। धान खरीद में सबसे ज्यादा सुस्ती भारतीय खाद्य निगम व मंडी समिति की ओर से स्थापित पांच सेंटरों पर देखने को मिल रही है। जहां धान खरीद के शुरुआती 20 दिन बीत जाने के बाद भी 100 मीट्रिक टन खरीद का आंकड़ा पार नहीं हुआ है।
केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया जा रहा है और इसकी पूर्ति के लिए इस बार एमएसपी पर सामान्य धान की खरीद 1940 रुपये प्रति क्विंटल व ए ग्रेड धान की खरीद 1960 रुपये में की जा रही है। किसान अपनी फसल को आसानी से बेच सकें। इसके लिए जिले भर में 98 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, लेकिन धान खरीद की प्रक्रिया अभी गति पकड़ती नजर नहीं आ रही है। कुल 98 केंद्रों में से 96 केंद्रों पर ही धान खरीद शुरू हो पाई है। दो केंद्रों को अभी भी बोहनी का इंतजार है।
धान खरीद में मंडी समिति व भारतीय खाद्य निगम के सेंटरों की रफ्तार काफी धीमी नजर आ रही है। धान खरीद प्रक्रिया के 20 दिन बीत जाने के बाद भी मंडी समिति के तीन सेंटरों पर मात्र 99 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। वहीं भारतीय खाद्य निगम द्वारा स्थापित दो सेंटरों पर भी अभी मात्र 88 मीट्रिक टन खरीद हुई है। संख्या के आधार पर पीसीएफ के सेंटर भी धान खरीद सुस्त देखने को मिल रही है।
जिले के सेंटरों पर हुई खरीद एक नजर में-
खरीद सेंटर संख्या खरीद
खाद्य एवं रसद विभाग 15 1737
पीसीएफ 46 2133.8
पीसीयू 20 1831
यूपीएसएस 12 643
मंडी समिति 03 99
एफसीआई 02 88
अक्तूबर माह में हुई बेमौसम बारिश के चलते किसानों ने फसल की कटाई देर से की है। वहीं धान कटाई के तुरंत बाद गेहूं के लिए खेत तैयार करने व गेहूं की बोआई में किसान मशगूल हैं। जिसके चलते धान खरीद की रफ्तार थोड़ी कम है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से किसानों की आवक बढ़ी है। आने वाले दिनों में धान खरीद में और तेजी आएगी।
-संजीव सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी