बहराइच। आउटसोर्सिंग के माध्यम से जिले के विकासखंडों में रखे गए 65 संविदाकर्मियों की सेवा समाप्ति का फरमान जारी होने के बाद कर्मियों में खासा रोष उत्पन्न हो गया है। मामले में कर्मियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
कोविड-19 के दौरान जिले में आउटसोर्सिंग के माध्यम से 65 कर्मचारियों को जिले के विभिन्न विकास खंडों में संविदा पर रखा गया था। सभी कर्मचारी कोरोना संक्रमण के दौरान जब आम जनता घरों में कैद थी, तक सभी अपने परिवार की परवाह करे बिना निरंतर बिना किसी अवकाश के कार्य रहें थे, लेकिन मार्च माह की समाप्ति के बाद सीएमओ ने यह कहकर संविदाकर्मियों को बाहर का रास्ता दिख दिया कि शासन द्वारा केवल एनएचएम के तहत हुई भर्ती का सेवा विस्तार करने का निर्देश मिला है।
अचानक नौकरी से बाहर किए संविदाकर्मी अब जनप्रतिनिधियों के दरवाजे का चक्कर काट रहे हैं। सेवा से बाहर हुए संविदाकर्मियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक द्वारा सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का सेवा विस्तार किया है, ऐसे में जनपद बहराइच के कर्मचारियों का सेवा विस्तार न होने से सभी अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहें हैं। संविदाकर्मियों का कहना है कि मामले में कोई अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नही है। कर्मियों ने सदर विधायक अनुपमा जायसवाल से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। कर्मियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाते हुए जिले के आउटसोर्सिंग कर्मियों का सेवा विस्तार कराने की मांग की है। पत्र भेजने वालों में रेंशु पाठक, अभिषेक मिश्रा, आबाद अहमद, अंकित गुप्ता, अभिषेक श्रीवास्तव, दिव्या सिंह, अंजली आंनद, सेजल यज्ञसैनी आदि शामिल रहे।