कोतवाली नानपारा क्षेत्र की एक महिला का आरोप है कि सोमवार रात नानपारा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जबरन उसके घर में घुस गए। इसके बाद उसने रेप किया। शोर सुनकर परिवारीजन दौड़े। उन्होंने विरोध किया तो पति की तरह देवर को भी जेल भेजने की धमकी दी।
इस दौरान विरोध कर रहे परिवारीजनों को एसएसआई और सिपाहियों ने लात-घूसों से पीटा। पीड़ित महिला ने दूसरे दिन डाक के माध्यम से एसपी को पत्र भेजा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिस पर बुधवार को वह वकील के साथ एसपी से मिली औैर व्यथा सुनाई। इस मामले में एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।
पीड़िता को महिला पुलिस की सुपुर्दगी में भेज दिया है। कोतवाली नानपारा क्षेत्र की एक 22 वर्षीय महिला बुधवार को एसपी से मिली। उसने बताया कि 18 मई की रात 12 बजे के आसपास कोतवाल सहयोगियों के साथ उसके घर में घुसे और पति शमीम, देवर अब्दुल और जेठ वसीम को थाने पकड़ ले गए।
फिर फर्जी तरीके से चरस के आरोप में 20 मई को तीनों को जेल भेज दिया। महिला का कहना है कि 26 मई को उसके घर दो सिपाही सुबह 10 बजे पहुंचे और कहा कि बड़े साहब ने बुलाया है।
इस पर महिला सास के साथ थाने पहुंची। महिला का कहना है कि थाने में कोतवाल ने हमदर्दी जताते हुए कहा कि पति और देवर को जेल भेज दिया है जो हो सकेगा मदद करेंगे, मिलते रहना।
महिला का कहना है कि वह थाने से चली आई, लेकिन 27 मई की रात एक बजे के आसपास कोतवाल, एसएसआई और चार सिपाही उसके घर आ धमके। उस समय घर पर कोई पुरुष नहीं था। जेठानी, देवरानी, ननद व सास दूसरे कमरे में सो रही थी।
कोतवाल सीधे उसके पास पहुंचा और अश्लीलता करते हुए छेड़छाड़ शुरू कर दी। इसके बाद उसने रेप किया। शोर सुनकर परिवार के लोग दौड़े तो एसएसआई और सिपाही ने उन्हें लात घूसों से मारा। एसपी ने महिला की पूरी बात सुनने के बाद उसे महिला थाने की पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया है।
पुलिस अधीक्षक सालिकराम वर्मा का कहना है कि महिला ने आरोप लगाया है। जांच के आदेश दिए गए हैं। नानपारा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक पीके सिंह ने बताया कि महिला साजिश कर रही है। चरस तस्करी में उसके परिवार के लोग शामिल हैं। पति शमीम, देवर अब्दुल व जेठ वसीम को तस्करी के आरोप में पकड़कर जेल भेजा गया है।