बहराइच के महाराज सिंह इंटर कालेज में बच्चों को पढ़ाते शिक्षक।
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बहराइच। प्रदेश में कोरोना केस में आई कमी को देखते हुए भले ही सरकार ने स्कूल व विद्यालयों को खोलने की अनुमति दे दी हो, लेकिन अभी भी अभिभावकों में कोरोना का खौफ बैठा हुआ है। जूनियर विद्यालय खुलने के बाद भी बच्चों की उपस्थिति नहीं हो रही है। बच्चों की अनुपस्थिति विद्यालयों के रौनक को फीकी कर रही है। जिससे विद्यालय के प्राचार्य व शिक्षक काफी परेशान है। वह अभिभावकों को समझाने व जागरूक करने में जुटे हुए है। जिले में 40 प्रतिशत बच्चे ही अभी विद्यालय में प्रवेश कर पढ़ाई कर रहे है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण कम हो गया है। संक्रमण कम होने के बाद सराकार ने लोगों को राहत देने का काम किया। सुरक्षा का ख्याल रखते हुए सरकार ने 23 अगस्त से जूनियर विद्यालयों को खोलने की अनुमति दी। अनुमति मिलने के बाद विद्यालय के प्रबंधकों ने बहुत ही उल्लास व जोश के साथ तैयारियां शुरू की। 24 अगस्त को विद्यालय खुले तो बच्चों ने प्रवेश लिया। उनका गर्मजोशी से स्वागत भी किया गया। 27 अगस्त को जिले के विद्यालयों में लगभग 40 प्रतिशत बच्चों की ही उपस्थिति रही।
सिटी मांटेसरी स्कूल के प्रिंसिपल अशोक मिश्रा ने बताया कि बच्चों के परिजनों में अभी भी कोरोना का खौफ बना हुआ है। इसलिए परिजन अभी बच्चों को विद्यालय में भेजने से घबरा रहे है। उन्हें समझाया जा रहा है। संत पथिक की प्रिंसिपल पूजा अग्रवाल ने बताया कि विद्यालय में 40 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति हो रही है। शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति हो, इसके लिए विद्यालय के शिक्षक अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा की बात बता रहे है। बच्चों को स्कूल भेजने की अपील कर रहे है।
सितंबर माह से बच्चों के बढ़ने की उम्मीद
विद्यालयों के शिक्षकों का मानना है कि अब धीरे-धीरे अभिभावकों को यह यकीन हो रहा है कि विद्यालय जाने में बच्चों को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। इसलिए वह बच्चों को भेजने की तैयारी कर रहे है। उम्मीद है कि अगले माह यानी सितंबर से बच्चों के उपस्थिति की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी।