बहराइच। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मॉकड्रिल हुआ। बच्चों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य कर्मी हांफते दिखे। सभी सांकेतिक कोरोना संक्रमित बच्चे को एंबुलेंस से अस्पताल और वार्ड में भर्ती कराते दिखे। इसके बाद वार्ड तक ऑक्सीजन लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल में देवीपाटन मंडल के जेडी की देखरेख में मॉकड्रिल हुआ।
कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर पड़ेगा। इसको लेकर केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और नीति आयोग की टीम द्वारा सचेत किया जा रहा है। तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है। ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल, मोतीपुर, कैसरगंज, पयागपुर और चरदा सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट भी लगाया गया है। इनमें मोतीपुर सीएचसी छोड़कर अन्य सभी स्थान पर ऑक्सीजन का उत्सर्जन होने लगा है। संभावित लहर को देखते हुए शुक्रवार को मॉकड्रिल का आयोजन हुआ।
महर्षि बालार्क जिला चिकित्सालय में देवीपाटन मंडल के जेडी डॉ. हरिदास अग्रवाल और सीएमओ डॉ. सतीश कुमार सिंह की देखरेख में मॉकड्रिल हुआ। पयागपुर सीएचसी में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार और डॉ. विनय कुमार की अगुवाई में मॉकड्रिल हुआ। चरदा सीएचसी में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जयंत कुमार, एसएमओ डॉ. विपिन लिखारे और मोतीपुर में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार यूपीटीएसयू के रामबरन ने मॉकड्रिल करवाया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज में नोडल अधिकारी उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीके वर्मा और डीपीएम सरजू खान ने मॉकड्रिल करवाया। क्षेत्र में कोरोना संक्रमित मरीज के मिलने पर एंबुलेंस कर्मी गांव पहुंचे। सभी ने सांकेतिक कोरोना संक्रमित बालक को एंबुलेंस के द्वारा सीएचसी पहुंचाया। यहां पर कोरोना वार्ड में बच्चे को भर्ती किया गया। साथ ही ऑक्सीजन की कमी पर फौरन ऑक्सीजन उपलब्ध कराया गया। मॉकड्रिल में बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए स्वास्थ्य कर्मी हांफते दिखे।
पांच अस्पताल में होगा बच्चों का इलाज
स्वास्थ्य सूचना व शिक्षा अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए मेडिकल कॉलेज, सीएचसी चरदा, पयागपुर, कैसरगंज और मोतीपुर को चुना गया है। सीएचसी में 10-10 बेड का वार्ड और मेडिकल कॉलेज में 50 बेड का वार्ड आरक्षित है। यहां पर बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा।
पाइपलाइन से जुड़े बेड
कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए तैयारी पूरी कर ली गई है। सीएचसी और जिला अस्पताल में बच्चों के लिए वार्ड व बेड भी स्थापित कर दिए गए हैं। सभी बेड तक ऑक्सीजन पाइप लाइन भी बिछ गई है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों तक आसानी से ऑक्सीजन मिल जाएगी। बेहतर इलाज होगा। -डॉ. सतीश कुमार सिंह, सीएमओ