बहराइच। हत्या के एक मामले में शुक्रवार को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त को 20 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थित में दोष सिद्ध अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुनील कुमार जायसवाल ने बताया कि थाना सुजौली के ग्राम त्रिलोकी गौढ़ी निवासी वादी मुकदमा सुरेश कुमार ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके 65 वर्षीय पिता ओमकार 28 मई, 2019 को भैंस चराकर वापस घर लौट रहे थे। रास्ते में रामगुलाम के खेत के पास पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही कमलेश, राजकुमार मंगू व अवधेश ने पिता को गोली मार दी थी। वादी मुकदमा ने तहरीर में कहा था कि पिता के साथ ईश्वरदीन व छोटे भी भैंस चराकर लौट रहे थे। उन्होंने पिता को गंभीर हालात मेें मिहींपुरवा स्थित पीएचसी में इलाज के लिए भर्ती कराया था, लेकिन यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एडीजीसी क्रिमिनल जायसवाल ने बताया कि शुक्रवार को बहस के दौरान चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट मनोज कुमार मिश्रा, द्वितीय ने बचाव व अभियोजन पक्ष की दलील सुनने के बाद अभियुक्त को साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त को 20 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थित में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।