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मरीज की मौत से गुस्साए तीमारदारों ने की तोड़फोड़

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बहराइच। दुर्घटना में घायल युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर पहुंचे तीमारदारों ने उसकी मौत पर हंगामा काटा। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तीमारदारों ने इमरजेंसी का दरवाजा तोड़ दिया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार किसी भी लापरवाही से इंकार कर रहे हैं और युवक की हालत खराब होने के चलते लखनऊ रेफर करने की बात कह रहे हैं।
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इमरजेंसी में तोड़फोड़ की घटना के संबंध में बताया जाता है कि देहात कोतवाली के बसंतापुर गांव निवासी 38 वर्षीय मुन्नीलाल सिंह को जख्मी हालत में रात एक बजे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज में लापरवाही बरती जिसके चलते रविवार की सुबह मुन्नीलाल की मौत हो गई। मुन्नीलाल की मौत की जानकारी होते ही इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए तीमारदार हो-हल्ला करने लगे। इसी दौरान तीमारदारों ने इमरजेंसी के दरवाजे के शीशे तोड़ दिए।
इस संबंध में जब इमरजेंसी में तैनात ईएमओ रामेंद्र त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि युवक को घायलावस्था में भर्ती करवाया गया था। सुबह तीमारदार मरीज को किसी निजी अस्पताल ले जा रहे थे, इसी दौरान युवक की हालत खराब हो गई। इसके बाद उसे दोबारा इमरजेंसी में लाया गया तब तक देर हो गई थी और मरीज की मौत हो गई। परिजनों को जैसे ही मौत की सूचना दी गई सभी आक्रोशित हो गए और तोड़फोड़ करने लगे। उन्होंने बताया कि जब मरीज को भर्ती करवाया गया था तब वह तैनात नहीं थे।
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युवक को जब भर्ती करवाया गया था तो उसकी हालत खराब थी। उसे ऑर्थो वार्ड में भर्ती किया गया और सर्जन विनीत मौर्या ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। सभी जरूरी दवाएं व इलाज करने के बाद भी मरीज की हालत खराब होती देख डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन तीमारदार उसे किसी निजी अस्पताल लेकर चले गए और वहीं उसकी मौत हो गई। दोबारा वापस लाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया जिसके बाद परिजनों ने हंगामा किया। कई लोग नशे की हालत में भी थे।
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- डॉ. ओपी पांडेय, सीएमएस
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