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यासर धराशाई, बहू ने बचाई घराने की लाज

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बहराइच। जिले के सबसे बड़े राजनीतिक घराने की लाज दिवंगत डॉ. वकार अहमद शाह की बहू ने बचाई। हालांकि, उनके बेटे व पूर्व मंत्री यासर शाह चुनाव हार गए। यासर शाह बहराइच सदर सीट से लड़े थे जबकि उनकी पत्नी मारिया अली मटेरा से चुनाव लड़ी थीं। मारिया अली जिले के कद्दावर नेता रहे डॉ. वकार अहमद शाह की बहू हैं। डॉ. वकार अहमद शाह ने ढाई दशक तक लगातार बहराइच सदर सीट पर अपना कब्जा जमाए रखा था।
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दिवंगत डॉ. वकार अहमद शाह सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के संघर्ष के साथी रहे हैं। वह जिले के ही नहीं प्रदेश के कद्दावर नेता माने जाते थे। उनके निधन के बाद उनकी विरासत उनके बेटे यासर शाह ने संभाली और कैबिनेट मंत्री बने, लेकिन 2017 के चुनाव में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ। सदर सीट पर अनुपमा जायसवाल ने डॉ. वकार अहमद शाह की पत्नी रुआब शायदा को हराकर पहली बार बीजेपी का परचम लहराया। वहीं, यासर शाह मटेरा से चुनाव जीतकर किसी तरह सल्तनत बचाने में कामयाब रहे थे। 2022 के चुनाव में यासर शाह मटेरा से न लड़कर बहराइच से लड़े और पत्नी मारिया अली को मटेरा से टिकट दिलवाया। यासर शाह तो सदर की सीट बीजेपी की अनुपमा जायसवाल से हार गए, लेकिन मारिया अली ने मटेरा से जीत दर्ज कर लाज बचाई।
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