बहराइच। बाढ़ प्रभावित इलाकों मेें शासन पीड़ितों की मदद करने मेें कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा। पिछले 30 सालों मेें पहली बार सबसे ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि, शासन व प्रशासन की मुस्तैदी से प्रदेश मेें इस बार ज्यादा जनहानि नहीं हुई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों मेें प्रशासन को सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। ये बातें प्रदेश के जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने शुक्रवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान कहीं।
जनपद मेें महसी, नानपारा व कैसरगंज तहसील मेें बाढ़ से तबाही के बाद जनपद भ्रमण पर आए प्रदेश के जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार मेें मीडिया कर्मियों से वार्ता करते हुए सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मेेें आए तेज तूफान व बारिश से प्रदेश के 14 जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान लखीमपुर, सीतापुर, बहराइच व बाराबंकी जनपदों मेें हुआ हैं। हालांकि, लखीमपुर व बहराइच जनपद को छोड़कर कहीं भी जनहानि नहीं हुई है। लखीमपुर मेें चार व बहराइच मेें दो बच्चों की डूबकर मौत होने की सूचना है।
सभी पीड़ित परिजनों को शासन की ओर से चार-चार लाख का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि जिन इलाकों मेें नुकसान हुआ है, वहां प्रशासन को तेजी के साथ राहत सामग्री व मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर महसी विधायक सुरेश्वर सिंह, पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, बलहा विधायक सरोज सोनकर, डीएम डॉ. दिनेश चंद्र, एसपी डॉ. सुजाता सिंह व राहत आयुक्त समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जलशक्ति मंत्री ने बताया कि प्रभावित इलाकों मेें एनडीआरफ की बटालियन के साथ पीएसी व जल पुलिस को लगाया गया है। साथ ही 545 नावें लगाई गई हैं। स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को भी मौके पर लगाकर पीड़ितों को मदद करने के निर्देश दिए गए है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों मेें बीमारी से बचने के लिए दवाओं की किट का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए अलग व्यवस्था रहेगी। क्षेत्र के बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि शुक्रवार से रसोईघर के माध्यम से भोजन पैकेट का वितरण प्रारंभ करा दें। इसके अलावा पंचायतों को भी निर्देश दिए गए हैं कि भोजन की व्यवस्था करें। प्रभावित क्षेत्र की महिलाओं, बच्चों व पुरुषों को कपड़े का वितरण करने की व्यवस्था बनाई गई है। डीएम को फंसे पशुओं को सुरक्षित निकालने व चारा-पानी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने मोतीपुर एसडीएम को फटकार लगाई। दरअसल, मोतीपुर के सुजौली में चार दिन पहले दो बच्चे बाढ़ में डूब गए थे। जब परिजनों ने बच्चों के डूबने की शिकायत एसडीएम से की तो एसडीएम ने यह कहकर परिजनों को भगा दिया कि मुआवजे के लालच में लोग फर्जी शिकायत करते हैं। अचानक दो दिन बाद दोनों बच्चों के शव मिले तो एसडीएम का आरोप फर्जी निकला। इसी प्रकरण को लेकर मंत्री ने एसडीएम को फटकार लगाई।
प्रदेश के जलशक्ति मंत्री के आगमन से पूर्व जिले के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा कलेक्ट्रेट सभागार मेें पहुंचे थे। वह आधे घंटे तक अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद सीधे कैसरगंज विधानसभा क्षेत्र के लिए रवाना हो गए। उनकी मुलाकात जलशक्ति मंत्री से नहीं हो सकी।