बहराइच। लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में आयोजित अंतिम अरदास को लेकर जिला हाई अलर्ट रहा। स्थिति बेहतर बनाए रखने के लिए शासन ने गोरखपुर जोन के एडीजी व देवीपाटन मंडल के आईजी समेत तीन अधिकारियों को भेजा। मंगलवार की भोर ही पहुंचकर एडीजी व आईजी ने जिले की कमान संभाली और सिख समुदाय व किसानों से वार्ता करके स्थिति को नियंत्रण में रखा। देर शाम तक माहौल पहले की तरह सामान्य रहा और एडीजी व आईजी समेत तीनों अधिकारियों ने शासन के मंसूबे को बखूबी निभाने में सफलता हासिल की।
लखीमपुर हिंसा में जिले के दो किसानों की मौत के बाद माहौल गर्म हो रहा। मृतक किसान गुरुविंदर सिंह का अंतिम संस्कार कराने के लिए भी एडीजी को कमान संभालनी पड़ी थी। उसके बाद लखीमपुर खीरी में अंतिम अरदास का कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम को देखते हुए जिले को हाईअलर्ट पर रखा गया और कमान संभालने के लिए गोरखपुर जोन के एडीजी अखिल कुमार, देवी पाटन मंडल के आईजी डॉ. राकेश सिंह व बरेली पीएसी के उप सेनानायक आशुतोष शुक्ला को शासन ने जिले की कमान को संभालने की जिम्मेदारी दी। अतिसंवेदनशील जिला होने के कारण तीनों अधिकारी मंगलवार की भोर में ही पहुंचकर कमान संभाली और बार्डर पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर जिम्मेदारी सौंपी।
उसके बाद माहौल को भांपने के लिए एडीजी स्वयं किसानों के पास पहुंचकर उनसे वार्ता किया। किसानों के अंदर पनप रहे आक्रोश को एडीजी ने सरलता से समझाते हुए शांत कराया और उनको अपनी बातों से संतुष्ट किया। उसके बाद एडीजी पीपल चौराहे के पास स्थित गुरुद्वारे पर पहुंचे और गुरुग्रंथ साहब जा का मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। उसके बाद वहां पर मौजूद सिख समुदाय के लोगों से वार्ता की। सब लोगों ने जिले की स्थिति को सामान्य बताया।
लखीमपुर खीरी में आयोजित अंतिम अरदास को लेकर रेलवे स्टेशन पर भी चौकसी बरती गई। जीआरपी थानाध्यक्ष राघवेंद्र यादव के नेतृत्व में गश्त किया गया। आने-जाने वाले यात्रियों पर निगरानी बरती गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि यात्रियों पर विशेष निगरानी बरती गई जिससे कोई अराजक तत्व ट्रेन की यात्रा कर लखीमपुर तक न पहुंच सके।
मौका भले ही शांति व्यवस्था को कायम रखने के लिए आने का हो, लेकिन गुरूद्वारे से मेरा अटूट रिश्ता बचपन से ही रहा है। जिले मे सजगता कायम रही और लोगों ने शांति का परिचय देते हुए शांति व्यवस्था बनाई रखी। गुरूद्वारे में मत्था टेकने के बाद सिख समुदाय के लोगों से मुलाकात कर उनकी बातों को समझा। जिले में अमन-चैन बनाए रखने में पूरा सहयोग सभी का मिला।
अखिल कुमार, एडीजी जोन, गोरखपुर