उर्रा (बहराइच)। मझरा गांव में सरयू नदी की कटान तेज हो गई है। नदी ने कटान करते हुए गांव निवासी सात ग्रामीणों के मकान को आगोश में ले लिया। सूचना तहसील मुख्यालय पर दी गई है। लेकिन कोई भी अधिकारी या राजस्वकर्मी गांव में कटान का मुआयना करने नहीं गया है। वहीं कटान तेज होने से ग्रामीण पक्का मकान स्वयं तोड़ रहे हैं। सभी ईंट ही सुरक्षित करने की जुगत में लगे हुए हैं।
जिले के तीन तहसील क्षेत्रों में सरयू नदी की बाढ़ आती है। इस समय बाढ़ की स्थिति नहीं है। नदियों का जलस्तर भी काफी कम हो गया है। लेकिन जलस्तर कम होने के साथ ही नदी की कटान भी तेज हो गई है। मोतीपुर तहसील अंतर्गत मझरा गांव में नदी की धारा ने तेज कटान शुरू कर दी है। शुक्रवार को नदी ने कटान करते हुए गांव निवासी मुंशी पुत्र भूसे, राजाराम पुत्र फकीरे, मैकू पुत्र राम स्वरूप, श्रीराम पुत्र नन्हूं, रामफल पुत्र शंकर, सुरेश और मैकू प्रसाद के मकान नदी की कटान में समाहित हो गए। हालांकि मकान में किसी के न होने से जनहानि नहीं हुई है।
वहीं नदी की धारा निरंतर गांव को आगोश में लेने के लिए नजदीक पहुंच रही है। ऐसे में ग्रामीण पक्के मकान पर हथौड़ा चलाकर ईंट सुरक्षित कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कम से कम ईंटों ही कटान में समाहित होने से बचा लिया जाएं। ग्रामीणों ने बताया कि नदी ने कटान तेज कर दी है। लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से बचाव के कोई कार्य नहीं किए गए हैं। दो से तीन दिन पर राजस्वकर्मी गांव पहुंचकर पीड़ितों का नाम अंकित कर इति श्री कर लेता है।
गांव में कटान तेज होने से खेती योग्य जमीन भी समाहित हो रही है। इसको देखते हुए ग्रामीण धान, गन्ना व मक्के की फसलों को चारे के रूप में प्रयोग कर रहे हैं। सभी कटान से पूर्व फसलों की कटाई कर किस्मत को कोस रहे हैं।